प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की एनडीए सरकार ने अपने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के सहयोगी दलों द्वारा कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में दोपहर 3 बजे होने वाली अहम बैठक में एनडीए के सहयोगी दलों के नेता शामिल होंगे। इस बैठक का मुख्य फोकस विकास, सुशासन और आने वाले समय की रणनीति पर रहेगा।
इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वे आजाद भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
भारत मंडपम में एनडीए का शक्ति प्रदर्शन
मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर भारतीय जनता पार्टी ने कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बैठक में एनडीए के कई सहयोगी दलों के नेता शामिल होंगे। सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा होगी।
बीजेपी की ओर से विकास, सुशासन, आत्मनिर्भर भारत और गरीब कल्याण जैसी योजनाओं को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा।
बीजेपी नेताओं का मंदिर दर्शन
सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना भी करेंगे। पार्टी इसे जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़कर देख रही है।
बीजेपी का मानना है कि पिछले एक दशक में देश ने आर्थिक, सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।
नरेंद्र मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार प्रधानमंत्री रहने के मामले में नया इतिहास रच दिया है। वे देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बन चुके हैं।
नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 30 मई 2019 को दूसरी बार और 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
अब उनका कार्यकाल 4399 दिनों से अधिक हो चुका है और उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड कैसे टूटा
देश में पहला आम चुनाव 1952 में हुआ था। इसके बाद 13 मई 1952 को पंडित जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बने थे।
वे 27 मई 1964 तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहे और उनका कार्यकाल 4398 दिनों का रहा।
दूसरी ओर नरेंद्र मोदी 26 मई 2014 से लगातार प्रधानमंत्री हैं और उनका कार्यकाल अब नेहरू के रिकॉर्ड से आगे निकल चुका है।
इस प्रकार आजाद भारत में लगातार सबसे ज्यादा समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड अब नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज हो गया है।
इंदिरा गांधी को भी पीछे छोड़ चुके हैं मोदी
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले नेताओं में शामिल रही हैं।
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही उनके रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके हैं। लगातार सत्ता में रहने के मामले में मोदी अब देश के सबसे अनुभवी प्रधानमंत्रियों में गिने जाते हैं।
उनके पास केंद्र सरकार चलाने का सबसे अधिक अनुभव भी है।
12 साल में भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव
मोदी सरकार के कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से बदलाव देखने को मिला है।
भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत हुई है।
देश में बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल क्रांति, विनिर्माण क्षेत्र और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं।
सरकार का दावा है कि पिछले 12 वर्षों में भारत की आर्थिक क्षमता में लगातार वृद्धि हुई है और देश तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एम्स का विस्तार
मोदी सरकार के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया।
देश में कई नए एम्स संस्थानों की स्थापना की गई। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच दूर-दराज के क्षेत्रों तक बढ़ाने का प्रयास किया गया।
सरकार का कहना है कि नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के निर्माण से स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती मिली है।
शिक्षा के क्षेत्र में नई संस्थाएं
उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए देश में कई नए आईआईटी और आईआईएम स्थापित किए गए।
इन संस्थानों के माध्यम से तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
सरकार का मानना है कि नई शिक्षा नीति और आधुनिक संस्थानों के विस्तार से युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा
पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार के अनुसार भारत अब अपनी जरूरत के करीब 60 प्रतिशत हथियार खुद बनाने की क्षमता हासिल कर चुका है।
पहले जहां देश को कई हथियार विदेशों से खरीदने पड़ते थे, वहीं अब भारत धीरे-धीरे रक्षा उपकरणों का निर्यात करने वाले देशों की श्रेणी में शामिल हो रहा है।
मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी हथियार निर्माण को बढ़ावा दिया गया है।
बढ़ा रक्षा बजट
देश की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए रक्षा बजट में भी लगातार वृद्धि की गई है।
आधुनिक तकनीक से लैस सैन्य उपकरणों, लड़ाकू विमानों, मिसाइल प्रणालियों और नौसेना की ताकत बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सरकार का मानना है कि मजबूत सेना किसी भी देश की सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव के लिए बेहद जरूरी होती है।
दुनिया में बढ़ी भारत की साख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
भारत आज वैश्विक मंचों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी से लेकर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है।
दुनिया के कई देशों के साथ भारत के संबंध पहले के मुकाबले और मजबूत हुए हैं।
विदेशी संसदों को संबोधित करने का रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक कई देशों की संसदों को संबोधित कर चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनके भाषणों को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
विदेश नीति के स्तर पर भारत ने अमेरिका, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, रूस और खाड़ी देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत किया है।
80 देशों का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न देशों की यात्राओं के जरिए भारत की विदेश नीति को नई दिशा देने का प्रयास किया है।
इन दौरों का उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना रहा है।
सरकार का कहना है कि इन यात्राओं के कारण भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को मजबूती मिली है।
दुनिया के कई देशों से मिला सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों द्वारा कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
इसे भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत आज विश्व राजनीति में पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का रुख
मोदी सरकार शुरू से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात करती रही है।
सरकार का दावा है कि पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, डिजिटल भुगतान और तकनीक के इस्तेमाल से कई क्षेत्रों में पारदर्शिता बढ़ी है।
सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
आत्मनिर्भर भारत का बढ़ता सपना
पिछले कुछ वर्षों में आत्मनिर्भर भारत अभियान को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।
मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उत्पादन, रेलवे, अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए।
सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया की प्रमुख विनिर्माण शक्तियों में शामिल करना है।
विकास और सुशासन पर रहेगा जोर
मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी और एनडीए विकास, सुशासन और गरीब कल्याण को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
आने वाले समय में भी सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार, तकनीक, कृषि और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर रहने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों को बीजेपी एक परिवर्तनकारी दौर के रूप में पेश कर रही है, जबकि विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार से सवाल भी उठाता रहा है।
इन सबके बीच इतना तय है कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं और यही बदलाव आने वाले वर्षों की दिशा भी तय करेंगे।






