Gold-Silver के रेट्स में उछाल, चांदी फिर 2.45 लाख रुपये के पार, सोना भी हुआ महंगा

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By: Arvind Kaur

On: Tuesday, June 9, 2026 1:24 PM

देश के सर्राफा बाजार में एक बार फिर तेजी का माहौल देखने को मिल रहा है। सोने और चांदी दोनों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। खास तौर पर चांदी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है और इसका भाव एक बार फिर 2.45 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है। वहीं सोने की कीमतों में भी मजबूती बनी हुई है, जिसके चलते आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।  

चांदी में लगातार बनी हुई है तेजी

पिछले कुछ दिनों से चांदी के दामों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और घरेलू मांग बढ़ने के कारण चांदी के भाव रिकॉर्ड स्तरों के करीब बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग, निवेशकों की बढ़ती रुचि और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण चांदी में तेजी का सिलसिला फिलहाल जारी रह सकता है।

आज कई बड़े शहरों में चांदी का भाव 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया, जिससे बाजार में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।  


सोना भी हुआ महंगा

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में सुधार और डॉलर में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू बाजार में सोना महंगा हो गया है।  

22 कैरेट और 24 कैरेट दोनों श्रेणियों के सोने के दाम में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शादी-विवाह का सीजन और निवेश की बढ़ती मांग भी कीमतों को सहारा दे रही है।

आज और पिछले तीन दिनों के भाव की तुलना

तारीख24 कैरेट सोना (10 ग्राम)22 कैरेट सोना (10 ग्राम)चांदी (1 किलो)
9 जून 2026₹1,03,600₹94,950₹2,45,300
8 जून 2026₹1,02,950₹94,350₹2,43,900
7 जून 2026₹1,02,300₹93,750₹2,42,100
6 जून 2026₹1,01,850₹93,300₹2,39,800

नोट: विभिन्न शहरों और सर्राफा बाजारों के अनुसार कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने और चांदी के दाम?

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं।

1. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक और भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। ऐसे समय में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोना और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे इनकी मांग बढ़ जाती है।  

2. डॉलर और ब्याज दरों का असर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और डॉलर की चाल का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ता है। जब डॉलर कमजोर होता है तो सोने और चांदी में तेजी देखने को मिलती है।

3. औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी

चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण और अन्य कई उद्योगों में किया जाता है। उद्योगों से बढ़ती मांग भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है।  

4. निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी

पिछले कुछ महीनों में निवेशकों ने सोना और चांदी दोनों में जमकर निवेश किया है। इससे बाजार में मांग बढ़ी और कीमतों में तेजी देखने को मिली।

बड़े शहरों में सोने के ताजा भाव

दिल्ली

  • 24 कैरेट सोना : लगभग ₹1,03,600 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना : लगभग ₹94,950 प्रति 10 ग्राम

मुंबई

  • 24 कैरेट सोना : लगभग ₹1,03,450 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना : लगभग ₹94,800 प्रति 10 ग्राम

चेन्नई

  • 24 कैरेट सोना : लगभग ₹1,03,900 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना : लगभग ₹95,200 प्रति 10 ग्राम

कोलकाता

  • 24 कैरेट सोना : लगभग ₹1,03,500 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना : लगभग ₹94,850 प्रति 10 ग्राम

चांदी में रिकॉर्ड तेजी ने बढ़ाई निवेशकों की दिलचस्पी

पिछले एक साल में चांदी ने शानदार रिटर्न दिया है। कई निवेशकों ने इसे लंबी अवधि के निवेश के तौर पर चुना है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो आने वाले समय में चांदी के दाम और ऊंचे स्तर पर पहुंच सकते हैं।  

ज्वेलरी खरीदने वालों पर बढ़ा बोझ

सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। जिन लोगों की शादी या अन्य पारिवारिक कार्यक्रम आने वाले हैं, उन्हें अब पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

ज्वेलर्स का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद मांग में बहुत ज्यादा कमी नहीं आई है। लोग धीरे-धीरे खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन निवेश के उद्देश्य से सोना और चांदी खरीदने वालों की संख्या बढ़ी है।

निवेश के लिए क्या कहते हैं जानकार?

विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी दोनों लंबे समय में बेहतर निवेश विकल्प माने जाते हैं। हालांकि, कीमतों में तेजी के दौरान निवेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और एकमुश्त निवेश की बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

आयात नियमों का भी दिख रहा असर

भारत सरकार ने हाल ही में चांदी के आयात से जुड़े नियमों को और सख्त किया है। आयात पर नियंत्रण और बढ़े हुए शुल्क का असर भी घरेलू बाजार में कीमतों पर देखने को मिल रहा है।  

आने वाले दिनों में कैसी रह सकती है चाल?

अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों और निवेशकों की मांग को देखते हुए आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल तेजी का रुख बना रह सकता है और निवेशकों की नजर आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी।  

Arvind Kaur

अरविंद कौर TajaTimes.com की एक समर्पित कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया लेखिका हैं। वह टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, लाइफस्टाइल और ट्रेंडिंग खबरों जैसे विभिन्न विषयों पर सरल और विश्वसनीय हिंदी भाषा में लेख लिखती हैं।

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