CBSE Class 12 Revaluation Process में बड़ा बदलाव, अब कॉपियों की दोबारा जांच पर रहेगा बोर्ड का सीधा नियंत्रण

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By: Deep Garg

On: Monday, June 8, 2026 10:37 PM

सीबीएसई बोर्ड ने क्लास 12 के छात्रों के लिए रिवैल्यूएशन प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया है। इस बदलाव के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। बोर्ड का मानना है कि नई व्यवस्था से छात्रों का भरोसा बढ़ेगा और मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी।

हाल ही में जारी जानकारी के अनुसार, सीबीएसई ने अपने पुराने ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी OSM से जुड़े कुछ सुरक्षा संबंधी मुद्दों को देखते हुए रिवैल्यूएशन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने का फैसला लिया है। अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से संबंधित पूरा डाटा सीधे सीबीएसई के नियंत्रण वाले सर्वर पर रखा जाएगा।

आखिर क्या है पूरा मामला

अब तक क्लास 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के रिवैल्यूएशन के दौरान एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था। इस प्लेटफॉर्म की मदद से कॉपियों को स्कैन किया जाता था और फिर उनकी दोबारा जांच की जाती थी।

लेकिन हाल के दिनों में इस प्रक्रिया को लेकर कुछ सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं। इसी कारण सीबीएसई ने फैसला लिया कि अब इस पूरी प्रक्रिया का नियंत्रण सीधे बोर्ड के हाथ में होगा।

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रों के डाटा को सुरक्षित रखना और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

अब कैसे होगी रिवैल्यूएशन प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं और परीक्षा से जुड़ा पूरा डाटा सीबीएसई के अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर ट्रांसफर कर दिया गया है।

इसका मतलब यह है कि अब कॉपियों की दोबारा जांच सीधे सीबीएसई के नियंत्रण वाले सर्वर पर की जाएगी। इससे बोर्ड स्वयं पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर सकेगा।

पहले जहां निजी प्लेटफॉर्म पर अधिक निर्भरता थी, वहीं अब बोर्ड ने नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इससे किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।

ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम क्या है

ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी OSM एक डिजिटल प्रक्रिया है जिसके माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके ऑनलाइन जांचा जाता है।

इस तकनीक के इस्तेमाल से कॉपियों की जांच तेजी से हो पाती है और समय की बचत होती है। इसके अलावा परीक्षकों को भी डिजिटल माध्यम से उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

हालांकि, हाल के समय में इस सिस्टम से जुड़ी कुछ चुनौतियां सामने आने के बाद सीबीएसई ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।

क्या पूरी तरह बंद हो जाएगा पुराना प्लेटफॉर्म

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ अधिकारियों का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग का काम पहले की तरह जारी रह सकता है।

यानी कॉपियों को स्कैन करने की प्रक्रिया में पुराने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन उसका पूरा नियंत्रण और डाटा अब सीबीएसई के सर्वर पर रहेगा।

इस तरह बोर्ड तकनीक का लाभ भी उठाएगा और साथ ही सुरक्षा पर भी पूरा ध्यान देगा।

छात्रों के लिए क्या होंगे फायदे

इस बदलाव से सबसे बड़ा फायदा छात्रों को मिलने की उम्मीद है।

अधिक पारदर्शिता

जब पूरी प्रक्रिया का नियंत्रण सीधे सीबीएसई के पास होगा, तो छात्रों को रिवैल्यूएशन के परिणामों पर अधिक भरोसा होगा।

डाटा रहेगा सुरक्षित

परीक्षा से संबंधित सभी जानकारी बोर्ड के नियंत्रण वाले सिस्टम में सुरक्षित रहेगी। इससे डाटा लीक होने या किसी अन्य प्रकार की समस्या की संभावना कम होगी।

गड़बड़ियों की संभावना होगी कम

नई व्यवस्था में बोर्ड खुद पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। इससे तकनीकी समस्याओं और मानवीय त्रुटियों को कम किया जा सकेगा।

छात्रों का विश्वास बढ़ेगा

कई बार छात्र रिवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में यह नया कदम छात्रों के बीच विश्वास बढ़ाने का काम कर सकता है।

क्यों जरूरी था यह बदलाव

आज के समय में परीक्षा प्रणाली में तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन इसके साथ ही डाटा सुरक्षा और पारदर्शिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।

सीबीएसई देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में से एक है और लाखों छात्र हर साल इसकी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में बोर्ड के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह समय-समय पर अपनी प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाए।

इसी दिशा में यह नया कदम उठाया गया है।

क्या इससे रिजल्ट पर पड़ेगा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था के कारण रिवैल्यूएशन प्रक्रिया पहले से अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो सकती है।

हालांकि इससे छात्रों के अंकों में सीधे तौर पर कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन अगर किसी कॉपी की दोबारा जांच हो रही है तो उसके निष्पक्ष तरीके से होने की संभावना बढ़ जाएगी।

क्या छात्रों को मिलेगा बेहतर अनुभव

रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के लिए यह बदलाव सकारात्मक माना जा रहा है।

जब प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और नियंत्रित होगी, तो छात्रों को अपने रिजल्ट को लेकर अनावश्यक चिंता कम होगी। साथ ही बोर्ड पर उनका भरोसा भी मजबूत होगा।

जिन छात्रों की कंपार्टमेंट आई है उनके लिए जरूरी बात

यदि किसी छात्र की किसी विषय में कंपार्टमेंट आई है, तो उसे निराश होने की जरूरत नहीं है।

कंपार्टमेंट का मतलब असफलता नहीं होता। इसका अर्थ यह है कि बोर्ड ने छात्रों को अपनी गलती सुधारने का एक और मौका दिया है।

इस अवसर का सही उपयोग करके अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।

कंपार्टमेंट परीक्षा कब हो सकती है

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, क्लास 12 की कंपार्टमेंट परीक्षा जुलाई के मध्य में आयोजित की जा सकती है।

ऐसे में जिन छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी है, उन्हें अभी से अपनी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

कंपार्टमेंट परीक्षा की तैयारी कैसे करें

एनसीईआरटी की किताबों पर दें पूरा ध्यान

किसी भी विषय की तैयारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्रोत एनसीईआरटी की पुस्तकें होती हैं।

हर अध्याय को ध्यान से पढ़ना चाहिए और महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट करना चाहिए।

पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें

पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों से यह समझने में मदद मिलती है कि किस प्रकार के प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।

इससे परीक्षा के पैटर्न को समझना आसान हो जाता है।

महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर फोकस करें

यदि समय कम है, तो उन विषयों और अध्यायों पर अधिक ध्यान देना चाहिए जिनसे परीक्षा में अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।

नियमित रिवीजन करें

पढ़ाई के साथ-साथ नियमित रूप से दोहराव करना भी जरूरी है।

रिवीजन से याद की गई चीजें लंबे समय तक याद रहती हैं और परीक्षा के समय आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

आत्मविश्वास बनाए रखना है सबसे जरूरी

कई छात्र कंपार्टमेंट आने के बाद तनाव में आ जाते हैं। लेकिन ऐसा करने से स्थिति और कठिन हो सकती है।

जरूरी है कि छात्र सकारात्मक सोच रखें और अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें सुधारने का प्रयास करें।

अच्छी तैयारी और सही रणनीति के साथ कंपार्टमेंट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया जा सकता है।

सीबीएसई का यह कदम क्यों माना जा रहा है महत्वपूर्ण

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रिवैल्यूएशन प्रक्रिया में किया गया यह बदलाव भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

इससे न केवल मूल्यांकन प्रणाली मजबूत होगी बल्कि छात्रों के बीच बोर्ड की विश्वसनीयता भी और अधिक बढ़ेगी।

आने वाले समय में यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो इससे परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।

छात्रों के लिए क्या संदेश है

रिजल्ट चाहे जैसा भी हो, छात्रों को कभी भी हार नहीं माननी चाहिए।

यदि किसी विषय में अपेक्षित अंक नहीं मिले हैं या कंपार्टमेंट आई है, तो इसे एक नए अवसर के रूप में देखना चाहिए।

मेहनत, धैर्य और सही दिशा में की गई तैयारी निश्चित रूप से सफलता दिला सकती है। वहीं रिवैल्यूएशन प्रक्रिया में किए गए नए बदलाव से छात्रों को अधिक पारदर्शिता और भरोसेमंद व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।

Deep Garg

Deepak Garg is the founder and editor of TajaTimes.com. He covers technology, business, entertainment, lifestyle, and trending news with a focus on accurate and timely reporting.

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