देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक बार फिर चर्चा में है। सरकार ने पीएम किसान योजना के तहत नए किसानों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी है। अब पात्र किसान घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और सालाना ₹6000 की आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
अगर आप भी किसान हैं और अभी तक इस योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं, तो आपके लिए यह एक सुनहरा मौका है। आइए जानते हैं कि पीएम किसान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे किया जा सकता है, किन दस्तावेजों की जरूरत होगी और कौन-कौन किसान इसके लिए पात्र हैं।
पीएम किसान योजना क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2000 की तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
इस योजना का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और खेती से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना है।
नए किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू
पीएम किसान योजना के नए फॉर्म एक बार फिर शुरू हो चुके हैं। अब किसान ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन कर सकते हैं।
इस बार पोर्टल पर दो विकल्प दिए गए हैं-
जिन किसानों के नाम पर जमीन 1 फरवरी 2019 से पहले थी।
जिन किसानों के नाम पर जमीन 1 फरवरी 2019 के बाद आई है।
दोनों श्रेणी के पात्र किसान आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
पीएम किसान योजना में आवेदन करने के लिए निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होगी-
आधार कार्ड
मोबाइल नंबर
जमीन से संबंधित दस्तावेज
राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
परिवार के सदस्य की जानकारी
मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि जमीन उत्तराधिकार के माध्यम से मिली हो)
आधार से लिंक बैंक खाता
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
यहाँ पर क्लिक करें
सबसे पहले पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
होम पेज पर “New Farmer Registration” का विकल्प दिखाई देगा। इसी विकल्प पर क्लिक करें।
इसके बाद किसान को अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। साथ ही मोबाइल नंबर और राज्य का चयन करना होगा।
कैप्चा भरने के बाद “Get OTP” पर क्लिक करें।
मोबाइल नंबर पर आएगा OTP
मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP को दर्ज करने के बाद नया रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल जाएगा।
इसके बाद किसान को यह बताना होगा कि जमीन उनके नाम पर 1 फरवरी 2019 से पहले आई थी या उसके बाद।
सही विकल्प चुनने के बाद आधार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आधार से होगा सत्यापन
आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक और OTP भेजा जाएगा।
OTP दर्ज करने के बाद किसान की जानकारी आधार कार्ड के अनुसार अपने आप स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी।
नाम, जन्म तिथि, लिंग और मोबाइल नंबर जैसी कई जानकारियां ऑटोमैटिक भर जाएंगी।
कैटेगरी और परिवार की जानकारी भरनी होगी
इसके बाद किसान को अपनी श्रेणी का चयन करना होगा।
सामान्य वर्ग
ओबीसी
अनुसूचित जाति
अनुसूचित जनजाति
इसके अलावा वैवाहिक स्थिति और परिवार से संबंधित जानकारी भी दर्ज करनी होगी।
यदि किसान विवाहित है, तो पति या पत्नी का नाम और आधार नंबर भी दर्ज करना होगा।
जमीन से जुड़ी जानकारी भरना जरूरी
फॉर्म के अगले चरण में जमीन से संबंधित जानकारी भरनी होगी।
यहां किसान के नाम पर मौजूद खसरा और खतौनी की जानकारी दिखाई देगी।
यदि जमीन अकेले किसान के नाम पर है तो “Single Ownership” का चयन करना होगा।
अगर जमीन संयुक्त रूप से है तो “Joint Ownership” का विकल्प चुनना होगा।
जमीन खरीदने वालों को नहीं मिलेगा लाभ
यदि किसान ने जमीन खरीदकर अपने नाम करवाई है तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
लेकिन यदि जमीन उत्तराधिकार के माध्यम से यानी माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद किसान के नाम हुई है, तो वह इस योजना का लाभ ले सकता है।
ऐसी स्थिति में मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा।
मृत्यु प्रमाण पत्र करना होगा अपलोड
यदि जमीन उत्तराधिकार के आधार पर मिली है, तो आवेदन के दौरान मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।
इसके बाद किसान को घोषणा पत्र स्वीकार करना होगा और सभी जानकारी की जांच करके अंतिम सबमिट करना होगा।
मिलेगा रजिस्ट्रेशन नंबर
फॉर्म सफलतापूर्वक जमा होने के बाद किसान को एक रजिस्ट्रेशन नंबर या रेफरेंस नंबर दिया जाएगा।
इस नंबर को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
भविष्य में इसी नंबर की सहायता से किसान अपनी ई-केवाईसी और आवेदन की स्थिति की जांच कर सकता है।
आवेदन के बाद क्या होगा?
फॉर्म जमा होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा आवेदन की जांच की जाएगी।
राजस्व विभाग और तहसील स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
इसके बाद लेखपाल या पटवारी द्वारा जमीन और अन्य जानकारियों का सत्यापन किया जाएगा।
यदि सभी जानकारी सही पाई जाती है, तो आवेदन स्वीकृत कर दिया जाएगा।
ई-केवाईसी कराना जरूरी
आवेदन स्वीकृत होने के बाद किसानों को ई-केवाईसी करानी होगी।
ई-केवाईसी पूरी होने के बाद सरकार द्वारा जारी की जाने वाली किस्त सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
बैंक खाते में कैसे आता है पैसा?
कई किसानों के मन में सवाल होता है कि आवेदन के दौरान बैंक खाता नंबर नहीं भरने के बावजूद पैसा कैसे आता है।
दरअसल, पीएम किसान योजना की राशि आधार आधारित डीबीटी प्रणाली के माध्यम से भेजी जाती है।
जिस बैंक खाते में किसान का आधार एनपीसीआई से लिंक होता है, उसी खाते में किस्त की राशि ट्रांसफर की जाती है।
किसानों के लिए बड़ी राहत
नए रजिस्ट्रेशन शुरू होने से उन किसानों को राहत मिली है जो अब तक किसी कारणवश योजना से नहीं जुड़ पाए थे।
अब किसान घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
यदि आप भी पात्र किसान हैं, तो बिना देरी किए पीएम किसान सम्मान निधि योजना में आवेदन कर सकते हैं और सालाना ₹6000 की सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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