बिहार में राशन कार्ड को लेकर बड़ा ऐलान! 13 अगस्त तक हर पात्र परिवार को मिलेगा लाभ | Bihar Ration Card News

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By: Rashmi Gupta

On: Tuesday, July 14, 2026 4:16 PM

यह खबर पारुल यूनिवर्सिटी द्वारा प्रस्तुत की गई है।

राज्य में जन वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के नागरिकों को खाद्यान्न सुरक्षा देने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने पर बेहद विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत हर एक गरीब और जरूरतमंद परिवार तक राशन पहुंचाना सुनिश्चित करना है।

सरकार ने इस अभियान को समय पर पूरा करने के लिए एक बेहद कड़ा समयबद्ध लक्ष्य तय किया है। राज्य में निर्धारित सीमा के भीतर चल रही रिक्तियों को भरने के लिए बड़े पैमाने पर नए राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इस पूरे अभियान को आगामी 13 अगस्त तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक

सोमवार को आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता कर रहे मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जन वितरण प्रणाली की मौजूदा स्थिति और इसकी प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों का पूरी तरह पालन करना और यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक भोजन के अधिकार से वंचित न रहे।

बैठक के दौरान कुशल वितरण प्रणाली और पारदर्शी व्यवस्था पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राशन कार्ड बनाने से लेकर अनाज के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बेहतर नागरिक सेवाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है, और इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।

13 अगस्त तक पूरा होगा महाअभियान: जानिए क्या है लक्ष्य

राज्य में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चल रही रिक्तियों को भरने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। सरकार की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, अधिनियम की निर्धारित सीमा के अंतर्गत 4,69,38,06 रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए कुल 11,425 नए राशन कार्ड जारी करने का एक विशेष लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अभियान को तेजी से पूरा करने के लिए एक बहुत ही कड़ा दैनिक लक्ष्य भी तय किया गया है। पूरे राज्य में हर दिन 36,814 नए राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। इस प्रकार प्रतिदिन 36,000 से अधिक राशन कार्ड जारी करके 13 अगस्त की तय समय सीमा तक इस पूरे काम को सफलतापूर्वक समाप्त करने की योजना बनाई गई है। विभाग का मानना है कि इस कदम से राज्य के लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और जन वितरण प्रणाली की व्यवस्था और मजबूत होगी।

जिलावार लक्ष्य और आंकड़ों का विश्लेषण

समीक्षा बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सभी जिलों की वर्तमान स्थिति और उनके लक्ष्यों के आंकड़े पेश किए गए। इन आंकड़ों से साफ है कि कुछ जिलों में काम का दबाव बहुत ज्यादा है, जबकि कुछ जिलों में बहुत कम काम शेष रह गया है। सरकार ने जिलों की स्थिति के अनुसार वहां के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।

नीचे दी गई तालिका में राज्य के प्रमुख जिलों के कुल लक्ष्य और दैनिक आधार पर किए जाने वाले कार्यों का विवरण दिया गया है:

जिलाकुल नए राशन कार्ड जारी करने का लक्ष्यप्रतिदिन राशन कार्ड जारी करने का दैनिक लक्ष्य
पटना11,6493,955
वैशाली1,33,7043,457
मुजफ्फरपुर86,1752,873
अरवल2,18073

पटना, वैशाली और मुजफ्फरपुर पर विशेष जिम्मेदारी

विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पटना जिले में सबसे ज्यादा 11,649 नए राशन कार्ड जारी किए जाने हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए पटना जिला प्रशासन के लिए प्रतिदिन 3,955 राशन कार्ड जारी करने का भारी-भरकम दैनिक लक्ष्य रखा गया है।

पटना के बाद वैशाली जिला सूची में दूसरे स्थान पर है, जहां कुल 1,33,704 नए कार्ड जारी किए जाने का बड़ा लक्ष्य है। इसके लिए वहां के अधिकारियों को रोजाना 3,457 राशन कार्ड तैयार करने होंगे। वहीं मुजफ्फरपुर जिले की बात करें, तो वहां कुल 86,175 नए राशन कार्ड जारी होने हैं, जिसके लिए प्रतिदिन 2,873 राशन कार्ड बनाने का कार्यभार तय किया गया है। इन तीनों बड़े जिलों को अपने काम में अत्यधिक तेजी लाने और रोजाना की प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय भेजने की विशेष जिम्मेदारी दी गई है।

कम लक्ष्य वाले जिलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश

समीक्षा बैठक में उन जिलों पर भी विशेष चर्चा हुई जहां अब बहुत कम काम बचा हुआ है या जहां रिक्तियां काफी कम हैं। अरवल जिला इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां सबसे कम शेष रिक्ति बची है। अरवल में कुल मिलाकर केवल 2,180 नए राशन कार्ड जारी करने की जरूरत है। इस लिहाज से वहां प्रतिदिन सिर्फ 73 राशन कार्ड जारी करने का छोटा सा लक्ष्य रखा गया है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि अरवल, बक्सर और जहानाबाद जैसे जिले, जहां सीलिंग या लक्ष्य काफी कम है, वहां के अधिकारी अपनी कागजी और जमीनी प्रक्रिया को बिना किसी देरी के अविलंब पूरा करें। इन जिलों को सबसे पहले अपना शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करके एक मिसाल कायम करनी होगी, ताकि वहां के प्रशासनिक तंत्र का उपयोग बाद में अन्य जरूरी कार्यों में किया जा सके।

शत प्रतिशत पारदर्शिता और जवाबदेही पर रहेगा मुख्य जोर

इस पूरे महाअभियान के दौरान सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने साफ शब्दों में कहा कि राशन कार्डों के सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और कुशल बनाया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक और सख्त जमीनी जांच का सहारा लिया जा रहा है, ताकि कोई भी अपात्र व्यक्ति इसका गलत फायदा न उठा सके और कोई भी असली हकदार सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए।

इसके साथ ही लोक शिकायत निवारण प्रणाली को भी पूरी तरह मुस्तैद रखने को कहा गया है। अगर किसी नागरिक को राशन कार्ड बनने या अनाज मिलने में कोई परेशानी आती है, तो उसकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा चुकी है और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

जिलाधिकारियों (DM) को मिले कड़े निर्देश

मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) और संबंधित आपूर्ति पदाधिकारियों को इस अभियान की सफलता के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लेने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया है कि 13 अगस्त की समय सीमा को अंतिम माना जाए और इसे किसी भी परिस्थिति में आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी और गंभीरता के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में काम की निगरानी करें।

जिले के डीएम स्वयं इस पूरे अभियान की प्रगति की दैनिक रूप से समीक्षा करेंगे। जिला स्तर पर हर दिन शाम को यह देखा जाएगा कि तय किया गया दैनिक लक्ष्य पूरा हुआ या नहीं। यदि किसी क्षेत्र में काम धीमा पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों से तुरंत जवाब-तलब किया जाएगा। सरकार का यह सख्त रुख साफ तौर पर दर्शाता है कि आम जनता के राशन और भोजन से जुड़े इस मामले में कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

Rashmi Gupta

Rashmi Gupta एक अनुभवी हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया लेखिका हैं, जो ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, सरकारी योजनाओं, शिक्षा और ट्रेंडिंग खबरों जैसे विषयों पर सरल और विश्वसनीय लेख लिखने के लिए जानी जाती हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और SEO फ्रेंडली कंटेंट लेखन का अच्छा अनुभव है।

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