हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत निर्वाचन विभाग तेजी से मतदाताओं का सत्यापन कर रहा है। इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए हैं जिनका सत्यापन नहीं हो पाया। निर्वाचन विभाग के अनुसार 28,687 मतदाता ऐसे मिले जिनसे बूथ लेवल अधिकारी (BLO) संपर्क नहीं कर सके। इन मतदाताओं को फिलहाल अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में रखा गया है।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन मतदाताओं के नाम 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। हालांकि जिन लोगों का नाम गलती से छूट जाता है, उन्हें दावा और आपत्ति की अवधि के दौरान अपना नाम दोबारा जुड़वाने का पूरा अवसर मिलेगा।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष अभियान है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह सही और अद्यतन बनाना है।
इस अभियान के दौरान BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं। इसमें यह जांच की जाती है कि संबंधित व्यक्ति उसी पते पर रहता है या नहीं, जीवित है या नहीं तथा उसका नाम किसी दूसरी जगह पर भी दर्ज तो नहीं है।
यदि किसी मतदाता का सत्यापन नहीं हो पाता तो उसका नाम जांच के दायरे में रखा जाता है।
28,687 मतदाता सत्यापन में नहीं मिले
निर्वाचन विभाग के अनुसार 28,687 मतदाता ऐसे पाए गए जिनका सत्यापन नहीं हो सका। BLO जब उनके पते पर पहुंचे तो वे वहां मौजूद नहीं मिले।
इन मामलों को चार प्रमुख श्रेणियों में रखा गया है—
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| अनुपस्थित | सत्यापन के समय व्यक्ति नहीं मिला |
| स्थानांतरित | मतदाता दूसरे स्थान पर जा चुका है |
| मृत | संबंधित व्यक्ति का निधन हो चुका है |
| डुप्लीकेट | एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक जगह दर्ज मिला |
इन सभी मामलों की आगे भी जांच की जा रही है ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह सटीक बनाई जा सके।
ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं होंगे ऐसे नाम

निर्वाचन विभाग ने बताया है कि जिन मतदाताओं का सत्यापन नहीं हुआ है, उनके नाम फिलहाल 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि उनका मतदान का अधिकार हमेशा के लिए समाप्त हो गया है। यदि वे समय रहते दावा या आपत्ति दर्ज कर देते हैं और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा देते हैं तो उनका नाम दोबारा जोड़ा जा सकता है।
दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मिलेगा मौका
यदि किसी व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं आता है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है।
निर्वाचन विभाग ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया निर्धारित की है। इस दौरान मतदाता आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन देकर अपना नाम सूची में शामिल करा सकते हैं।
यदि इस अवधि में कोई आवेदन नहीं किया जाता तो संबंधित व्यक्ति का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।
अब तक कितने मतदाताओं का हुआ सत्यापन?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार राज्य में लगभग 2 करोड़ 6 लाख से अधिक मतदाताओं तक BLO पहुंच चुके हैं।
निर्वाचन विभाग का दावा है कि लगभग 99.79 प्रतिशत मतदाताओं तक सत्यापन फॉर्म पहुंचा दिया गया है।
हालांकि सभी मतदाताओं ने अभी तक भरे हुए फॉर्म वापस जमा नहीं किए हैं।
अब तक लगभग 1 करोड़ 70 लाख फॉर्म ही वापस प्राप्त हुए हैं, जो कुल फॉर्म का लगभग 82.33 प्रतिशत है।
इसका अर्थ है कि अभी भी लगभग 17.5 प्रतिशत मतदाताओं ने अपना सत्यापन फॉर्म जमा नहीं कराया है।
क्यों बढ़ाई गई SIR फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख?
पहले विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की अंतिम तिथि 14 जुलाई निर्धारित की गई थी।
लेकिन बड़ी संख्या में फॉर्म जमा न होने के कारण निर्वाचन विभाग ने लोगों को अतिरिक्त अवसर देने का फैसला लिया।
अब SIR फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 24 जुलाई 2026 कर दी गई है।
इस अतिरिक्त 10 दिनों का उद्देश्य यही है कि कोई भी पात्र मतदाता केवल समय की कमी के कारण अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।
बड़ी संख्या में मिले मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाता
सत्यापन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें मतदाता या तो मृत पाए गए, किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं या फिर उनके नाम एक से अधिक जगह दर्ज हैं।
ऐसे मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है।
यदि जांच में यह पुष्टि हो जाती है कि संबंधित मतदाता का नाम वास्तव में डुप्लीकेट है या वह अब उस निर्वाचन क्षेत्र का निवासी नहीं है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है।
डिजिटल सत्यापन भी होगा
निर्वाचन विभाग ने बताया है कि फॉर्म प्राप्त होने के बाद उनका डिजिटलीकरण भी किया जाएगा।
इससे रिकॉर्ड को ऑनलाइन अपडेट करने में सुविधा होगी और भविष्य में मतदाता सूची अधिक सटीक बनाई जा सकेगी।
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद किसी भी त्रुटि को जल्दी सुधारा जा सकेगा।
यदि आपका नाम सूची में नहीं आए तो क्या करें?
यदि 31 जुलाई को प्रकाशित प्रारंभिक मतदाता सूची में आपका नाम दिखाई नहीं देता है तो सबसे पहले अपने निर्वाचन क्षेत्र के BLO या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।
इसके बाद निर्धारित अवधि के भीतर दावा प्रस्तुत करें और आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
समय रहते आवेदन करने पर आपका नाम अंतिम सूची में शामिल किया जा सकता है।
यदि आप दावा या आपत्ति दर्ज नहीं करते हैं तो अंतिम मतदाता सूची से आपका नाम हट सकता है।
मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह
निर्वाचन विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि जिन लोगों ने अभी तक SIR फॉर्म जमा नहीं किया है, वे 24 जुलाई से पहले इसे भरकर BLO को अवश्य दें।
साथ ही 31 जुलाई को प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम अवश्य जांचें।
यदि कोई त्रुटि दिखाई देती है या नाम गायब मिलता है तो दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान तुरंत आवेदन करें।
समय पर कार्रवाई करने से आपका मतदान का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
हरियाणा SIR अभियान का पूरा शेड्यूल
| प्रक्रिया | तिथि |
|---|---|
| SIR फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि | 24 जुलाई 2026 |
| प्रारंभिक (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित | 31 जुलाई 2026 |
| दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि | 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 |
| दावों और आपत्तियों का निस्तारण | अगस्त–सितंबर 2026 |
| अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित | 3 अक्टूबर 2026 |
किन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?
कुछ श्रेणी के मतदाताओं को इस अभियान में विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
- जिन्होंने हाल ही में अपना पता बदला है।
- जो लंबे समय से अपने घर से बाहर रह रहे हैं।
- जिनका नाम पहले कभी मतदाता सूची में गलत दर्ज हुआ था।
- जिनके परिवार में किसी सदस्य का निधन हो चुका है।
- जिनका नाम एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज हो सकता है।
- जिन्होंने अभी तक SIR फॉर्म जमा नहीं किया है।
इन सभी लोगों को समय रहते अपने दस्तावेजों की जांच कर निर्वाचन विभाग से संपर्क करना चाहिए ताकि अंतिम मतदाता सूची में किसी प्रकार की परेशानी न हो।











