योगी सरकार का बड़ा दावा: अब यूपी के युवाओं को मिलेगी बेहतर शिक्षा, स्किल और रोजगार

Photo of author

By: Rashmi Gupta

On: Wednesday, July 15, 2026 6:31 PM

उत्तर प्रदेश में युवाओं की शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सम्मान जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था। उनके अनुसार उस समय कौशल विकास की मजबूत व्यवस्था नहीं थी, सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता पर सवाल उठते थे और प्रदेश के युवाओं को दूसरे राज्यों में भी पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, आधुनिक तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में कई बदलाव किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए स्किल डेवलपमेंट मिशन का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे युवाओं को नई दिशा मिली है।

2017 से पहले युवाओं की स्थिति पर क्या कहा?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने कई तरह की चुनौतियां थीं।

उनके अनुसार उस समय शिक्षा व्यवस्था कमजोर थी, कौशल विकास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और आधुनिक तकनीक से युवाओं को जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए गए थे।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। कई युवाओं के पास डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाण पत्र होने के बावजूद उन्हें अपनी योग्यता के अनुसार अवसर नहीं मिल पाते थे।

स्किल डेवलपमेंट को बताया बड़ा बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पहली बार स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय का गठन किया।

उनके अनुसार इससे देशभर में कौशल विकास को नई पहचान मिली और राज्यों को भी इस दिशा में बेहतर काम करने की प्रेरणा मिली।

उन्होंने कहा कि पहले कौशल विकास केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित था, लेकिन मंत्रालय बनने के बाद इस क्षेत्र में कई नई योजनाएं शुरू हुईं, जिनका लाभ युवाओं को मिलने लगा।

रोजगार के अवसरों पर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई तरह के आरोप लगते थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होती थी और युवाओं को नौकरी पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने और योग्यता के आधार पर अवसर देने का प्रयास किया है।

युवाओं के सामने पहचान का संकट

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के युवाओं को प्रदेश के बाहर सम्मानजनक पहचान बनाने में भी कठिनाई होती थी।

उन्होंने कहा कि रोजगार की कमी के कारण बड़ी संख्या में युवा दूसरे राज्यों में जाते थे, लेकिन वहां भी उन्हें अपने राज्य की छवि के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री के अनुसार आज उत्तर प्रदेश की पहचान बदल रही है और राज्य विकास तथा निवेश के नए केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।

शिक्षा और आधुनिक तकनीक पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक से जोड़ना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा, डिजिटल स्किल, व्यावसायिक प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उनका मानना है कि बदलते समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार योग्य कौशल भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

सुरक्षा का माहौल भी बताया अहम

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कानून व्यवस्था का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए सुरक्षित वातावरण आवश्यक होता है। यदि कानून व्यवस्था मजबूत हो तो निवेश बढ़ता है, उद्योग आते हैं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया गया है।

उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक और धार्मिक पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रकृति और आस्था दोनों की दृष्टि से बेहद समृद्ध राज्य है।

उन्होंने गंगा, यमुना, सरयू, गोमती, घाघरा और अन्य नदियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के पास जल संसाधनों की कोई कमी नहीं है।

साथ ही उन्होंने अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, नैमिषारण्य, मां विंध्यवासिनी धाम, मां पाटेश्वरी धाम, मां शाकंभरी धाम और महाकुंभ जैसी धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रदेश देश की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

किसानों और कारीगरों का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान और कारीगर राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसानों, युवाओं और कारीगरों को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए तो प्रदेश तेजी से आर्थिक प्रगति कर सकता है।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए।

युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समय कौशल आधारित शिक्षा का है।

उन्होंने कहा कि उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित करना आवश्यक है ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें रोजगार मिलने में आसानी हो।

इसके लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को तैयार किया जा रहा है।

सरकार के प्रमुख दावे

विषयमुख्यमंत्री का दावा
शिक्षापहले शिक्षा व्यवस्था कमजोर थी, अब सुधार किए गए हैं
कौशल विकासस्किल डेवलपमेंट को नई प्राथमिकता मिली
रोजगारपारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर
तकनीकी शिक्षाआधुनिक तकनीक से युवाओं को जोड़ने का प्रयास
कानून व्यवस्थासुरक्षित माहौल से निवेश और रोजगार में वृद्धि
युवाओं की पहचानप्रदेश की सकारात्मक छवि मजबूत होने का दावा
किसान एवं कारीगरविकास प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री के भाषण की प्रमुख बातें

मुद्दाविवरण
2017 से पहले की स्थितिशिक्षा, रोजगार और कौशल विकास की चुनौतियों का उल्लेख
2014 के बादस्किल डेवलपमेंट मंत्रालय बनने का जिक्र
रोजगारयोग्यता आधारित अवसरों पर जोर
युवाओं का भविष्यतकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता
प्रदेश की पहचानउत्तर प्रदेश को नई पहचान मिलने का दावा
प्राकृतिक संपदानदियों और कृषि संसाधनों का उल्लेख
धार्मिक विरासतअयोध्या, काशी, मथुरा सहित प्रमुख तीर्थों का जिक्र
विकास का लक्ष्ययुवाओं, किसानों और कारीगरों को केंद्र में रखकर विकास की बात

Rashmi Gupta

Rashmi Gupta एक अनुभवी हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया लेखिका हैं, जो ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, सरकारी योजनाओं, शिक्षा और ट्रेंडिंग खबरों जैसे विषयों पर सरल और विश्वसनीय लेख लिखने के लिए जानी जाती हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और SEO फ्रेंडली कंटेंट लेखन का अच्छा अनुभव है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment