राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर अरविंद केजरीवाल का बड़ा हमला, प्रधानमंत्री से पूछे कई सवाल

Photo of author

By: Deep Garg

On: Thursday, July 2, 2026 5:58 PM

राम मंदिर ट्रस्ट पर लगाए गंभीर आरोप

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक सार्वजनिक सभा में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित मामलों को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर कई गंभीर आरोप लगाए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि कथित रूप से किसी भी अनियमितता का पैसा सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम से यह प्रतीत होता है कि सरकार ने मामले को दबाने, उसे शांत करने और कथित दोषियों को बचाने की कोशिश की।

ट्रस्ट के गठन को लेकर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की पहल पर हुआ और ट्रस्ट में शामिल लोगों का चयन भी उनकी जानकारी में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के प्रमुख पदों पर ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई जो सरकार के करीबी माने जाते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से ट्रस्ट के महासचिव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें मंदिर निर्माण से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णयों की जिम्मेदारी दी गई थी। वक्ता का आरोप था कि यदि ट्रस्ट के कामकाज में कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

जमीन खरीद के मामलों का किया उल्लेख

अपने भाषण में अरविंद केजरीवाल ने वर्ष 2021 में हुई कुछ जमीन खरीद का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि एक जमीन, जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये थी, उसे खरीदने के कुछ ही मिनटों बाद लगभग 18 करोड़ रुपये में राम मंदिर ट्रस्ट को बेच दिया गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक अन्य जमीन, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये थी, उसे 24 करोड़ रुपये में खरीदा गया। इसी प्रकार 9 करोड़ रुपये मूल्य की एक और जमीन 55 करोड़ रुपये में ट्रस्ट को बेचे जाने का भी दावा किया गया।

उनका कहना था कि कुल मिलाकर लगभग 14 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन करीब 95 करोड़ रुपये में खरीदी गई। उन्होंने कहा कि इन सौदों से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

निर्माण कार्य में कथित कमीशन का आरोप

भाषण के दौरान अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि मंदिर निर्माण से जुड़े कुछ इंजीनियरों ने ठेकों में 40 प्रतिशत तक कमीशन मांगे जाने की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी शिकायतें सामने आई थीं तो संबंधित एजेंसियों को तत्काल जांच शुरू करनी चाहिए थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन शिकायतों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई।

सीसीटीवी फुटेज और चोरी के दावे

अपने संबोधन में उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ समय के दौरान सीसीटीवी कैमरों में कई बार चोरी की घटनाएं दर्ज हुईं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कई महीनों की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं रही।

उनका कहना था कि यदि ऐसे आरोप सही हैं तो यह सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

प्रधानमंत्री की जानकारी पर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार देश के कई प्रशासनिक मामलों पर लगातार नजर रखती है। ऐसे में यदि इतने चर्चित मामले की जानकारी सरकार को नहीं थी तो यह अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार यह कहती है कि उसे पूरे मामले की जानकारी नहीं थी तो जनता के लिए इस पर विश्वास करना कठिन होगा।

एसआईटी और जांच प्रक्रिया पर सवाल

भाषण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि जब मामला लगातार चर्चा में आने लगा तब सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। उनके अनुसार यह कदम वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय केवल औपचारिक कार्रवाई जैसा प्रतीत होता है।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए ताकि सभी तथ्यों की सही जानकारी सामने आ सके।

जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मामले में जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उनसे विस्तृत पूछताछ नहीं की गई। उनका कहना था कि यदि किसी आर्थिक अनियमितता की जांच हो रही है तो यह पता लगाया जाना चाहिए कि कथित रूप से लाभ किसे मिला, निर्णय किस स्तर पर लिए गए और पूरे मामले की जिम्मेदारी किसकी थी।

उन्होंने कहा कि केवल सीमित स्तर पर कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

यदि यह लेख समाचार वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाए, तो संबंधित पक्ष का पक्ष भी शामिल करना पत्रकारिता की दृष्टि से आवश्यक होगा, क्योंकि इसमें गंभीर और अप्रमाणित आरोपों का उल्लेख है।

Deep Garg

दीप गर्ग TajaTimes.com के संस्थापक (Founder) और संपादक (Editor) हैं। वह सटीक और समय पर रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए टेक्नोलॉजी, बिजनेस, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और ट्रेंडिंग खबरों को कवर करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

July 15, 2026

July 12, 2026

July 8, 2026

July 5, 2026

July 4, 2026

July 1, 2026

Leave a Comment