देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही थी। वहीं मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी थी। लेकिन अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत देश के 17 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कई राज्यों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके चलते जनजीवन प्रभावित हो सकता है और कई स्थानों पर नुकसान की आशंका भी जताई गई है।
अचानक क्यों बदला मौसम का मिजाज

पिछले करीब दो सप्ताह से मानसून की रफ्तार काफी धीमी बनी हुई थी। मानसून आगे बढ़ने के बजाय कई क्षेत्रों में एक तरह से ठहर गया था। इसके कारण उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी और लू का असर लगातार बना हुआ था।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अब बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं और एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इन दोनों सिस्टमों के मिलकर काम करने से एक मजबूत वेदर सिस्टम तैयार हुआ है, जिसके कारण बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।
यही वजह है कि उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वी क्षेत्रों तक मौसम तेजी से बदल रहा है।
किन राज्यों में जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन राज्यों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है उनमें कई बड़े राज्य शामिल हैं।
उत्तर भारत में दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान प्रमुख रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।
पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड के लिए भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
इन सभी राज्यों में मौसम अचानक बदल सकता है और कई स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
तेज हवाओं से बढ़ सकता है खतरा

मौसम विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ राज्यों में यह गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इतनी तेज हवाएं पेड़ों को गिरा सकती हैं। बिजली के खंभे, होर्डिंग्स और साइन बोर्ड्स भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहना चाहिए।
आकाशीय बिजली को लेकर भी चेतावनी
बारिश और आंधी के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
खुले मैदानों, खेतों और ऊंची जगहों पर जाने से बचना चाहिए। बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े रहना भी खतरनाक साबित हो सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि खेतों में काम करने के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती हैं।
कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों के लिए सलाह
प्रशासन ने कच्चे मकानों और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
हवाई सेवाओं पर पड़ सकता है असर
खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिल सकता है। दिल्ली और लखनऊ समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ानों के संचालन में देरी या बदलाव की संभावना जताई गई है।
अगर आप आने वाले समय में यात्रा करने वाले हैं तो एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी फ्लाइट का स्टेटस लगातार चेक करते रहें।
मौसम खराब होने की स्थिति में उड़ानों का समय बदला जा सकता है या कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती हैं।
मानसून की सुस्ती ने बढ़ाई किसानों की चिंता
देशभर के किसानों के लिए मानसून बेहद महत्वपूर्ण होता है। लेकिन इस बार मानसून की धीमी प्रगति ने कृषि क्षेत्र की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
जून का आधा महीना बीत जाने के बावजूद कई क्षेत्रों में सामान्य बारिश नहीं हो सकी। इसके कारण खेतों में नमी की कमी बनी हुई है।
धान, गन्ना, मक्का और खरीफ सीजन की अन्य फसलों की बुवाई पर इसका असर दिखाई देने लगा है। कई किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
केरल से ही धीमी रही मानसून की शुरुआत
इस वर्ष मानसून ने केरल में भी निर्धारित समय से कुछ दिनों की देरी से दस्तक दी थी। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा।
हालांकि इसके लिए जरूरी मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल नहीं बन सकीं। परिणामस्वरूप मानसून की रफ्तार धीमी बनी रही और कई राज्यों तक पहुंचने में देरी होती रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिलने वाली नमी मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।
दिल्ली एनसीआर में मौसम का हाल
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम में बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और आसपास के इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
इसके साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं जिनकी गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बारिश होने से तापमान में कुछ कमी जरूर आ सकती है लेकिन लोगों को उमस से पूरी राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम है।
अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान लगाया गया है।
उत्तर प्रदेश में बारिश और आंधी का असर
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम बदल सकता है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है जबकि कुछ स्थानों पर तेज आंधी भी चल सकती है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी लेते रहें और फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं।
मध्य प्रदेश में तेज हवाओं की संभावना
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर संभाग के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है।
कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की प्रगति के साथ राज्य में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
बिहार में 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
बिहार के कई जिलों में मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है।
पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, पटना, गया, नालंदा और समस्तीपुर समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
कुछ क्षेत्रों में हवाओं की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है।
राजस्थान में धूल भरी आंधी का खतरा
राजस्थान में मौसम का बदलाव लोगों के लिए चुनौती बन सकता है।
जयपुर, बीकानेर, जोधपुर और आसपास के कई जिलों में धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है।
हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।
धूल भरी आंधी के कारण दृश्यता कम हो सकती है जिससे सड़क परिवहन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम खराब होने पर क्या सावधानियां बरतें
खराब मौसम के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।
तेज आंधी के समय खुले स्थानों में खड़े न रहें।
बिजली के खंभों, पेड़ों और बड़े होर्डिंग्स से दूरी बनाए रखें।
बारिश और बिजली चमकने के दौरान मोबाइल फोन का अनावश्यक उपयोग खुले स्थानों में न करें।
जरूरी न हो तो यात्रा टाल दें।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।
किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा और जिन क्षेत्रों में लंबे समय से बारिश नहीं हुई है वहां भी राहत मिलने की संभावना है।
हालांकि कई स्थानों पर तेज आंधी, भारी बारिश और बिजली गिरने जैसी घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट्स पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।






