वाराणसी में गंगा की तलहटी से मिला 200 किलो का विशाल शिवलिंग, 2500 साल पुराना होने का दावा

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By: Deep Garg

On: Tuesday, June 9, 2026 4:00 PM

उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने श्रद्धालुओं के साथ-साथ इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वाले लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। गंगा नदी की तलहटी से एक विशाल शिवलिंग मिलने का दावा किया जा रहा है, जिसका वजन करीब 200 किलो बताया जा रहा है। इस दुर्लभ खोज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

गंगा की तलहटी में मिला विशाल शिवलिंग

बताया जा रहा है कि यह शिवलिंग वाराणसी के सूजाबाद इलाके में मिला है। शुरुआती जानकारी के अनुसार विशेषज्ञों का मानना है कि यह शिवलिंग लगभग 2500 साल पुराना हो सकता है। हालांकि इसकी वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक महत्व की पुष्टि के लिए पुरातत्व विभाग द्वारा जांच की जा रही है।

वाराणसी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। यहां के घाट, मंदिर और धार्मिक परंपराएं दुनियाभर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। ऐसे में गंगा नदी की तलहटी से इतने बड़े आकार का शिवलिंग मिलना अपने आप में एक बेहद खास घटना मानी जा रही है।

जानकारी के मुताबिक यह शिवलिंग उस समय मिला जब कुछ नाविक गंगा में मछली पकड़ने के लिए जाल डाल रहे थे। इसी दौरान उनके जाल में कोई भारी वस्तु फंस गई। पहले तो नाविकों को लगा कि शायद कोई बड़ा पत्थर या कोई अन्य वस्तु है, लेकिन जब उन्होंने उसे बाहर निकालने की कोशिश की तो मामला कुछ और ही निकला।

डेढ़ दर्जन नाविकों ने मिलकर निकाला शिवलिंग

बताया जा रहा है कि शिवलिंग का वजन लगभग दो क्विंटल यानी करीब 200 किलो है। इतनी भारी वस्तु को नदी से बाहर निकालना आसान नहीं था।

मौके पर मौजूद करीब डेढ़ दर्जन नाविकों ने मिलकर काफी मेहनत के बाद इस विशाल शिवलिंग को गंगा नदी से बाहर निकाला। जब लोगों ने इस अद्भुत संरचना को देखा तो आसपास के इलाके में इसकी चर्चा तेजी से फैलने लगी।

धीरे-धीरे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां पहुंचने लगे और इस दुर्लभ खोज को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई।

सूजाबाद इलाके से सामने आई घटना

यह पूरा मामला वाराणसी के सूजाबाद क्षेत्र का बताया जा रहा है। गंगा नदी के किनारे बसे इस इलाके में पहले भी कई ऐतिहासिक महत्व की चीजें मिलने की खबरें सामने आती रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा नदी अपने भीतर कई ऐसे रहस्य समेटे हुए है जो समय-समय पर सामने आते रहते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है।

विशाल शिवलिंग मिलने की खबर सामने आने के बाद इलाके में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

शिवलिंग मिलने के बाद उसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने लगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि कई लोग मिलकर भारी शिवलिंग को संभाल रहे हैं।

कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे वाराणसी के प्राचीन इतिहास से जोड़कर देख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर लाखों लोग इस वीडियो को देख चुके हैं और इसके बारे में अपनी राय भी दे रहे हैं। कई श्रद्धालु इसे भगवान शिव का आशीर्वाद मान रहे हैं।

कैसी दिखाई दे रही है यह संरचना

वीडियो और तस्वीरों में दिखाई दे रहा शिवलिंग आकार में काफी बड़ा है। इसका ऊपरी हिस्सा पारंपरिक शिवलिंग की तरह नजर आता है।

पत्थर से बनी यह संरचना देखने में काफी पुरानी प्रतीत होती है। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण इसके ऊपर प्राकृतिक प्रभाव भी दिखाई दे रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार इसकी बनावट और आकार को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इसका संबंध किसी प्राचीन काल से हो सकता है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों और पुरातत्व विभाग को इसकी सूचना दी गई।

बताया जा रहा है कि इस विशाल शिवलिंग को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेषज्ञों की टीम इसके निर्माण, पत्थर की गुणवत्ता और ऐतिहासिक महत्व का अध्ययन करेगी।

पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही इस बात की पुष्टि हो पाएगी कि यह वास्तव में कितने पुराने समय का है।

2500 साल पुराना होने का अनुमान

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह शिवलिंग लगभग 2500 साल पुराना हो सकता है।

हालांकि यह केवल शुरुआती अनुमान है। किसी भी ऐतिहासिक वस्तु की सही उम्र का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक परीक्षण और विस्तृत अध्ययन की जरूरत होती है।

यदि जांच के बाद यह दावा सही साबित होता है तो यह खोज भारतीय इतिहास और धार्मिक विरासत के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाएगी।

वाराणसी का ऐतिहासिक महत्व

वाराणसी को दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में गिना जाता है। यहां हजारों साल पुरानी सभ्यता और संस्कृति के प्रमाण मिलते रहे हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर गंगा घाटों तक, यह शहर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसी वजह से यहां समय-समय पर कई प्राचीन मूर्तियां, अवशेष और अन्य ऐतिहासिक वस्तुएं मिलने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

भगवान शिव से जुड़ी है काशी की पहचान

वाराणसी को भगवान शिव का प्रिय स्थान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्वयं भगवान शिव ने काशी को अपना निवास स्थान बनाया था।

इसी कारण यहां शिव मंदिरों की संख्या भी काफी अधिक है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर साल काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।

ऐसे में गंगा नदी की तलहटी से विशाल शिवलिंग का मिलना श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है।

क्या पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी प्राचीन वस्तुएं

इतिहासकारों के अनुसार वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी कई बार प्राचीन मूर्तियां और धार्मिक अवशेष मिल चुके हैं।

पुरातात्विक खुदाई और नदी के किनारों से समय-समय पर कई महत्वपूर्ण चीजें सामने आती रही हैं।

इन खोजों ने भारतीय इतिहास और प्राचीन संस्कृति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

लोगों में बढ़ी उत्सुकता

जैसे ही यह खबर सामने आई, लोगों में इस शिवलिंग को लेकर उत्सुकता बढ़ गई।

कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर यह शिवलिंग नदी के भीतर कैसे पहुंचा और यह किस काल से जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि किसी प्राचीन मंदिर के अवशेष समय के साथ नदी में समा गए होंगे और उसी का हिस्सा यह शिवलिंग हो सकता है।

वैज्ञानिक जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य

फिलहाल इस पूरे मामले में विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

पत्थर की संरचना, उसकी बनावट और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करके ही इसके वास्तविक इतिहास का पता लगाया जा सकेगा।

जांच के बाद यह भी स्पष्ट हो पाएगा कि यह शिवलिंग किस युग से संबंधित है और इसका धार्मिक तथा ऐतिहासिक महत्व कितना बड़ा है।

श्रद्धालुओं के लिए खास बनी यह खोज

विशाल शिवलिंग मिलने की खबर ने भगवान शिव के भक्तों के बीच विशेष उत्साह पैदा कर दिया है।

कई लोग इसे आस्था और इतिहास का अनूठा संगम मान रहे हैं।

वाराणसी की पवित्र गंगा से निकली इस संरचना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत की धरती और इसकी नदियां अपने भीतर हजारों वर्षों का इतिहास समेटे हुए हैं।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चा

वीडियो सामने आने के बाद देशभर में इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

लोग सोशल मीडिया पर लगातार इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और अपनी-अपनी राय दे रहे हैं।

अब सबकी नजरें पुरातत्व विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, क्योंकि उसी के बाद इस विशाल शिवलिंग के रहस्य से पर्दा उठ सकेगा और इसके वास्तविक इतिहास की तस्वीर साफ हो पाएगी।

Deep Garg

दीप गर्ग TajaTimes.com के संस्थापक (Founder) और संपादक (Editor) हैं। वह सटीक और समय पर रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए टेक्नोलॉजी, बिजनेस, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और ट्रेंडिंग खबरों को कवर करते हैं।

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