स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) भर्ती 2026 प्रारंभिक परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। एडमिट कार्ड जारी होने के साथ ही लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म हो गया है। अब अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा से पहले बचे हुए दिनों का सही उपयोग कैसे किया जाए, ताकि बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
जिन उम्मीदवारों की परीक्षा 1 अगस्त या 2 अगस्त को निर्धारित है, उनके पास अब लगभग 10 दिनों का समय बचा है। यही समय आपकी तैयारी को नई दिशा दे सकता है। सही रणनीति अपनाकर आप अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं और परीक्षा के दिन अधिक आत्मविश्वास के साथ बैठ सकते हैं।
सबसे पहले अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करें
यदि आपने अभी तक अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं किया है, तो इसे तुरंत डाउनलोड कर लें। एडमिट कार्ड देखने के बाद आपको यह स्पष्ट हो जाएगा कि आपकी परीक्षा किस दिन, किस समय और किस परीक्षा केंद्र पर आयोजित होगी।
एडमिट कार्ड में निम्न जानकारी जरूर जांच लें।
| जानकारी | क्या जांचें |
|---|---|
| परीक्षा तिथि | 1 अगस्त, 2 अगस्त या अन्य तिथि |
| परीक्षा समय | सुबह, दोपहर या शाम का स्लॉट |
| परीक्षा केंद्र | पूरा पता और शहर |
| रिपोर्टिंग टाइम | समय से पहले पहुंचने की योजना बनाएं |
| व्यक्तिगत जानकारी | नाम, फोटो और अन्य विवरण सही हैं या नहीं |
समय रहते एडमिट कार्ड डाउनलोड करने से अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सकता है।
परीक्षा का स्लॉट जानना क्यों जरूरी है
कई उम्मीदवार केवल परीक्षा की तारीख देखते हैं, लेकिन समय पर ध्यान नहीं देते। जबकि परीक्षा का स्लॉट आपकी तैयारी की रणनीति बदल सकता है।
यदि आपकी परीक्षा सुबह है तो अगले कुछ दिनों तक सुबह उसी समय पढ़ाई और मॉक टेस्ट देने की आदत बनाएं।
अगर परीक्षा दोपहर में है और आपको दोपहर में आराम करने की आदत है, तो अपनी दिनचर्या अभी से बदलें ताकि परीक्षा के दिन शरीर और दिमाग पूरी तरह सक्रिय रहे।
इसी तरह यदि परीक्षा शाम को है तो उसी समय अभ्यास करने की कोशिश करें। इससे आपका शरीर और दिमाग उसी समय सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हो जाएगा।
अगले 10 दिनों का सबसे अच्छा प्लान

अब रटने या नई किताबें शुरू करने का समय नहीं है। अब जरूरत है अपनी तैयारी को व्यवस्थित करने की।
इन दिनों का लक्ष्य केवल पढ़ाई नहीं बल्कि परीक्षा जैसी परिस्थितियों में खुद को तैयार करना होना चाहिए।
हर दिन एक फुल लेंथ मॉक टेस्ट दें
सबसे पहला नियम यही होना चाहिए कि प्रतिदिन कम से कम एक फुल लेंथ मॉक टेस्ट जरूर दें।
मॉक टेस्ट देने के बाद केवल स्कोर देखकर खुश या निराश न हों, बल्कि यह देखें कि गलती कहां हुई।
ध्यान दें कि—
- कौन से प्रश्नों में सबसे ज्यादा समय लगा।
- किस सेक्शन में गलतियां हुईं।
- कौन से टॉपिक बार-बार कमजोर साबित हो रहे हैं।
- किस प्रकार के प्रश्नों में अधिक अंक गंवाए।
इसी विश्लेषण के आधार पर अगले दिन की तैयारी करें।
शुरुआती दिनों में कमजोर चैप्टर पूरे करें
यदि आपको लगता है कि कुछ टॉपिक अभी भी कमजोर हैं, तो परीक्षा से पहले के शुरुआती 4 से 5 दिनों में उन्हीं पर सबसे ज्यादा काम करें।
कमजोर टॉपिक को अंतिम समय तक टालना सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है।
उदाहरण के लिए यदि आपको—
- पजल में कठिनाई है
- डेटा इंटरप्रिटेशन कमजोर है
- क्लोज टेस्ट में दिक्कत आती है
- इनइक्वैलिटी या सिलॉजिज्म कमजोर है
तो पहले इन्हें मजबूत करें।
अंतिम दिनों में केवल रिवीजन करें
जब कमजोर चैप्टर पूरे हो जाएं, तब परीक्षा से पहले के अंतिम 4 से 5 दिनों में केवल अपने मजबूत विषयों का दोहराव करें।
बार-बार वही प्रश्न हल करें जिन्हें आपने पहले किया है।
इस दौरान नए टॉपिक शुरू करने से बचें।
इससे आत्मविश्वास बना रहेगा और परीक्षा के समय घबराहट कम होगी।
रोजाना DPP हल करें
फुल मॉक टेस्ट के अलावा प्रतिदिन डेली प्रैक्टिस पेपर (DPP) भी हल करें।
DPP की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कम समय में किसी एक विषय का अच्छा अभ्यास हो जाता है।
यदि आप रोज DPP हल करेंगे तो आपकी स्पीड और एक्यूरेसी दोनों बेहतर होंगी।
सेक्शन वाइज अभ्यास भी जरूरी
पूरे पेपर के साथ-साथ सेक्शनल प्रैक्टिस भी करें।
विशेष रूप से इन तीन विषयों पर ध्यान दें—
- रीजनिंग
- क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड
- इंग्लिश लैंग्वेज
हर विषय के लिए अलग समय तय करें।
समय के अनुसार अभ्यास करें
यदि आपकी परीक्षा दोपहर 12 बजे है तो मॉक टेस्ट भी लगभग उसी समय दें।
यदि परीक्षा सुबह है तो सुबह अभ्यास करें।
ऐसा करने से परीक्षा वाले दिन आपका शरीर उसी समय पूरी तरह एक्टिव रहेगा।
यह छोटी सी आदत भी अच्छे प्रदर्शन में मदद करती है।
अपनी प्रगति को रोज नोट करें
हर दिन एक कॉपी या नोटबुक में अपनी तैयारी लिखें।
उदाहरण के लिए—
| दिन | मॉक टेस्ट | स्कोर | सबसे कमजोर विषय | अगले दिन का लक्ष्य |
|---|---|---|---|---|
| दिन 1 | पूरा | 58 | रीजनिंग | पजल अभ्यास |
| दिन 2 | पूरा | 64 | इंग्लिश | क्लोज टेस्ट |
| दिन 3 | पूरा | 71 | क्वांट | DI अभ्यास |
इस प्रकार रिकॉर्ड रखने से आपको अपनी प्रगति साफ दिखाई देगी।
ऑनलाइन क्लास का पूरा लाभ उठाएं
यदि आप ऑनलाइन तैयारी कर रहे हैं तो नियमित रूप से लाइव क्लास अटेंड करें।
सुबह होने वाली बेसिक क्लास और शाम की विषयवार क्लास आपकी तैयारी को मजबूत बना सकती हैं।
विशेष रूप से इंग्लिश, मैथ्स और रीजनिंग की नियमित प्रैक्टिस जारी रखें।
ऑल इंडिया मॉक टेस्ट क्यों जरूरी है
सिर्फ घर पर अभ्यास करना पर्याप्त नहीं होता।
यदि आप जानना चाहते हैं कि देशभर के उम्मीदवारों के मुकाबले आपकी तैयारी कहां तक पहुंची है, तो ऑल इंडिया मॉक टेस्ट देना बेहद जरूरी है।
इससे आपको—
- ऑल इंडिया रैंक
- परसेंटाइल
- वास्तविक प्रतियोगिता का स्तर
- अपनी कमजोरियां
- समय प्रबंधन की स्थिति
का सही अंदाजा मिल जाता है।
इसी आधार पर आप अंतिम दिनों की रणनीति बदल सकते हैं।
केवल स्कोर नहीं, एनालिसिस भी करें
कई छात्र केवल टेस्ट देते हैं और अगले टेस्ट की तैयारी शुरू कर देते हैं।
यह तरीका सही नहीं है।
एक मॉक टेस्ट के बाद कम से कम उतना ही समय उसके विश्लेषण में लगाएं।
यही विश्लेषण आपकी वास्तविक तैयारी को बेहतर बनाता है।
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया
यदि आपने अभी तक कॉल लेटर डाउनलोड नहीं किया है, तो यह प्रक्रिया अपनाएं।
| स्टेप | क्या करना है |
|---|---|
| 1 | SBI की आधिकारिक वेबसाइट खोलें |
| 2 | Careers सेक्शन में जाएं |
| 3 | Recruitment of Probationary Officers पर क्लिक करें |
| 4 | Download Preliminary Examination Call Letter चुनें |
| 5 | Registration Number दर्ज करें |
| 6 | Password के स्थान पर जन्मतिथि दर्ज करें |
| 7 | कैप्चा भरकर लॉगिन करें |
| 8 | एडमिट कार्ड डाउनलोड करके प्रिंट निकाल लें |
पासवर्ड में क्या भरना होगा
अधिकांश उम्मीदवार यहां गलती कर देते हैं।
पासवर्ड के स्थान पर वही जन्मतिथि दर्ज करनी होगी जो आवेदन करते समय दी गई थी।
इसे दिन-महीना-वर्ष (DD-MM-YYYY) के प्रारूप में भरें।
परीक्षा से पहले किन बातों का रखें ध्यान
- एडमिट कार्ड की दो प्रिंट कॉपी रखें।
- पहचान पत्र पहले से तैयार रखें।
- परीक्षा केंद्र का रास्ता पहले देख लें।
- परीक्षा वाले दिन समय से पहले निकलें।
- अंतिम समय में नए टॉपिक शुरू न करें।
- पर्याप्त नींद लें।
- भोजन हल्का रखें।
- तनाव से दूर रहें।
जिनकी तैयारी अभी कमजोर है, वे क्या करें
यदि आपको लगता है कि तैयारी उम्मीद के अनुसार नहीं हुई है, तब भी घबराने की जरूरत नहीं है।
अब पूरे सिलेबस को दोबारा पढ़ने के बजाय केवल महत्वपूर्ण चैप्टर पर ध्यान दें।
हर दिन का लक्ष्य तय करें।
- एक फुल मॉक टेस्ट
- एक DPP
- कमजोर टॉपिक की प्रैक्टिस
- शाम को रिवीजन
- पिछले मॉक की गलतियों का विश्लेषण
यदि अगले 10 दिनों तक लगातार यही रूटीन अपनाया जाए तो तैयारी में काफी सुधार हो सकता है।
केवल पढ़ाई नहीं, आत्मविश्वास भी जरूरी
बैंक परीक्षा में ज्ञान के साथ आत्मविश्वास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यदि आपने नियमित अभ्यास किया है और अपनी गलतियों को सुधारा है तो परीक्षा के दिन आपका प्रदर्शन स्वतः बेहतर होगा।
बार-बार अपनी कमजोरियों पर चिंता करने के बजाय यह सोचें कि हर दिन आप थोड़ा बेहतर बन रहे हैं।
अंतिम 10 दिनों की तैयारी का सुझाव
| समय | क्या करें |
|---|---|
| सुबह | फुल लेंथ मॉक टेस्ट |
| दोपहर | मॉक टेस्ट का विश्लेषण |
| शाम | DPP और सेक्शनल प्रैक्टिस |
| रात | कमजोर टॉपिक का रिवीजन और अगले दिन की योजना |
परीक्षा से पहले इन गलतियों से बचें
- रोज नया स्टडी प्लान बदलना।
- एक साथ कई किताबें पढ़ना।
- बिना एनालिसिस के लगातार मॉक देना।
- पूरी रात जागकर पढ़ाई करना।
- केवल पसंदीदा विषय पढ़ना।
- परीक्षा से ठीक पहले नए टॉपिक शुरू करना।
- समय प्रबंधन का अभ्यास न करना।
इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप परीक्षा के दिन अधिक आत्मविश्वास और बेहतर तैयारी के साथ एग्जाम हॉल में प्रवेश कर सकते हैं।












