एबीवीपी स्थापना दिवस पर सीएम रेखा गुप्ता का संदेश, बोलीं- परिषद से मिले संस्कार मेरी सबसे बड़ी पूंजी

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By: Rashmi Gupta

On: Thursday, July 9, 2026 8:14 PM

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावनात्मक संदेश साझा किया। उन्होंने एबीवीपी के सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए संगठन की राष्ट्र निर्माण में भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रवाद, अनुशासन और सेवा की भावना विकसित करने में एबीवीपी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिषद से मिले संस्कार आज उनके सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं।

एबीवीपी स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश की शुरुआत एबीवीपी के स्थापना दिवस की बधाई के साथ की। उन्होंने संगठन के सभी वर्तमान और पूर्व कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एबीवीपी केवल एक छात्र संगठन नहीं है, बल्कि यह युवाओं में सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और समाज सेवा की भावना विकसित करने वाला एक मजबूत मंच है।

उन्होंने कहा कि वर्षों से परिषद ने लाखों छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक किया है। यही कारण है कि आज एबीवीपी देश के सबसे बड़े छात्र संगठनों में अपनी अलग पहचान रखता है।

राष्ट्रवाद, अनुशासन और सेवा की भावना पर दिया जोर

रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि विद्यार्थी जीवन किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। यदि इसी दौरान युवाओं में राष्ट्रवाद, अनुशासन और सेवा की भावना विकसित हो जाए तो वे आगे चलकर समाज और देश के लिए बेहतर योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि एबीवीपी लंबे समय से छात्रों को इन मूल्यों के साथ जोड़ने का कार्य कर रही है। संगठन केवल छात्र राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता, शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, आपदा राहत और विभिन्न जनहित अभियानों में भी सक्रिय भागीदारी निभाता रहा है।

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‘ज्ञान, शील और एकता’ के मंत्र का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में एबीवीपी के मूल मंत्र “ज्ञान, शील और एकता” का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यही तीन शब्द संगठन की कार्यशैली और विचारधारा की पहचान हैं।

उनके अनुसार “ज्ञान” छात्रों को शिक्षा और बौद्धिक विकास की दिशा देता है, “शील” उन्हें नैतिकता, संस्कार और चरित्र निर्माण की प्रेरणा देता है, जबकि “एकता” समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने का संदेश देती है।

रेखा गुप्ता ने कहा कि यही मूल्य आज भी लाखों युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।

परिषद से मिले संस्कार को बताया अमूल्य पूंजी

अपने संदेश में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि एबीवीपी से जुड़े रहने के दौरान जो संस्कार, अनुशासन और सेवा की भावना उन्हें मिली, वही उनके सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में निर्णय लेने, लोगों से जुड़ने और समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा उन्हें संगठन से ही मिली। उनके अनुसार किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात जनता के प्रति समर्पण और ईमानदारी होती है, जिसकी सीख उन्हें विद्यार्थी जीवन में मिली।

युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित कर रहा संगठन

मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी लगातार युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित कर रही है। बदलते समय में शिक्षा, तकनीक और नवाचार के साथ-साथ युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि संगठन युवाओं को केवल करियर बनाने की नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देता है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में छात्र संगठन की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ते हैं।

विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की अहम भूमिका

रेखा गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा हो सकता है जब देश का युवा वर्ग पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ आगे आए।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि एबीवीपी के कार्यकर्ता अपनी मेहनत, ऊर्जा और प्रतिबद्धता के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी संगठन के कार्यकर्ता समाज और राष्ट्र के हित में इसी प्रकार कार्य करते रहेंगे।

एबीवीपी की कार्यशैली की सराहना

मुख्यमंत्री ने संगठन की कार्यशैली की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि परिषद ने हमेशा छात्रों की समस्याओं को उठाने के साथ-साथ समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने, छात्र हितों की रक्षा करने, आपदा के समय राहत कार्यों में सहयोग देने और सामाजिक अभियानों में भागीदारी जैसे अनेक कार्यों के माध्यम से संगठन ने अपनी अलग पहचान बनाई है।

छात्र नेतृत्व तैयार करने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

रेखा गुप्ता ने कहा कि एबीवीपी ने वर्षों से ऐसे अनेक युवाओं को नेतृत्व का अवसर दिया है, जिन्होंने आगे चलकर राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में नेतृत्व क्षमता विकसित करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है और एबीवीपी इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषद की गौरवशाली परंपरा नई पीढ़ी को लगातार प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि आज के युवा केवल रोजगार तक सीमित सोच न रखें, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका भी समझें।

उनके अनुसार यदि युवा अनुशासन, सेवा और राष्ट्रहित को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हैं तो देश की प्रगति और अधिक तेज होगी।

सोशल मीडिया पर भी मिला समर्थन

मुख्यमंत्री के इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने एबीवीपी स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मुख्यमंत्री के संदेश का स्वागत करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।

कई लोगों ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए और संगठन से जुड़े अपने संस्मरण भी लिखे। सोशल मीडिया पर “ज्ञान, शील और एकता” का संदेश भी व्यापक रूप से साझा किया गया।

एबीवीपी का छात्र संगठनों में विशेष स्थान

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देश के प्रमुख छात्र संगठनों में गिनी जाती है। यह संगठन लंबे समय से शिक्षा, छात्र हित, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करता रहा है।

देश के अलग-अलग राज्यों में संगठन की इकाइयां नियमित रूप से छात्र संवाद, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियां, सामाजिक अभियान और सेवा कार्य आयोजित करती हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर भी विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों, संगोष्ठियों, वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर और छात्र सम्मान समारोह जैसे आयोजन किए जाते हैं।

मुख्यमंत्री के संदेश की प्रमुख बातें

  • एबीवीपी स्थापना दिवस पर सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं।
  • राष्ट्रवाद, अनुशासन और सेवा की भावना विकसित करने में संगठन की भूमिका की सराहना।
  • “ज्ञान, शील और एकता” के मंत्र को संगठन की पहचान बताया।
  • परिषद से मिले संस्कारों को अपने सार्वजनिक जीवन की अमूल्य पूंजी बताया।
  • विकसित भारत के संकल्प में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के योगदान की प्रशंसा।
  • संगठन की गौरवशाली परंपरा को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

Rashmi Gupta

Rashmi Gupta एक अनुभवी हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया लेखिका हैं, जो ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, सरकारी योजनाओं, शिक्षा और ट्रेंडिंग खबरों जैसे विषयों पर सरल और विश्वसनीय लेख लिखने के लिए जानी जाती हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और SEO फ्रेंडली कंटेंट लेखन का अच्छा अनुभव है।

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