ग्रामीणों के लिए खुशखबरी! अब 100 नहीं, पूरे 125 दिन मिलेगा रोजगार, नया कानून लागू

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By: Rashmi Gupta

On: Wednesday, July 1, 2026 1:08 PM

ग्रामीण भारत के विकास और रोजगार व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम (VBG Ramji Act 2025) को पूरे देश में लागू कर दिया है। इसके साथ ही करीब दो दशक से लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह अब नई व्यवस्था प्रभावी हो गई है।

सरकार का दावा है कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने वाली योजना नहीं है, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाला बड़ा कदम है। नई योजना के तहत रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी के साथ-साथ गांवों के विकास और बुनियादी ढांचे को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

अब 100 नहीं, 125 दिनों के रोजगार की गारंटी

नई योजना के तहत सबसे बड़ा बदलाव रोजगार की अवधि में किया गया है। पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलती थी, लेकिन अब विकसित भारत जी-रामजी योजना के अंतर्गत यह सीमा बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।

इसका मतलब है कि पात्र ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में 25 दिन अतिरिक्त रोजगार मिलेगा। इससे ग्रामीण मजदूरों की आय बढ़ने की संभावना है और आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।

95,692 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट

सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 95,692 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा केंद्रीय बजट माना जा रहा है।

सरकार के अनुसार यह केवल केंद्र सरकार का हिस्सा है। जब इसमें राज्यों का योगदान भी जुड़ जाएगा, तब कुल राशि लगभग 1,51,682 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। इतनी बड़ी धनराशि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।

केंद्र और राज्यों की साझा भागीदारी

नई योजना के संचालन में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर खर्च वहन करेंगी।

सामान्य राज्यों में योजना की लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकारें देंगी।

वहीं पूर्वोत्तर राज्यों और विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए यह अनुपात 90 प्रतिशत केंद्र और 10 प्रतिशत राज्य सरकार का रखा गया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर राज्यों को अधिक सहायता मिल सकेगी।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी मजदूरी

नई व्यवस्था में पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है। योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।

इस व्यवस्था से भुगतान में देरी की संभावना कम होगी और बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त होने की उम्मीद है। साथ ही लाभार्थियों को समय पर उनकी मेहनत का भुगतान मिल सकेगा।

लाखों ग्राम पंचायतों को मिलेगा फायदा

सरकार का कहना है कि इस योजना से देश की लगभग 2.80 लाख ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

ग्राम पंचायतों को बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके। इससे गांवों में रोजगार भी बढ़ेगा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी होगा।

किन कार्यों को दी जाएगी प्राथमिकता

विकसित भारत जी-रामजी योजना के तहत केवल मजदूरी उपलब्ध कराने पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी जो लंबे समय तक ग्रामीण विकास में योगदान दें।

योजना के अंतर्गत प्रमुख रूप से निम्न क्षेत्रों में कार्य कराए जाएंगे—

  • जल संरक्षण और जल प्रबंधन
  • ग्रामीण सड़कों एवं आधारभूत ढांचे का निर्माण
  • कृषि से जुड़े विकास कार्य
  • आजीविका बढ़ाने वाली परियोजनाएं
  • पर्यावरण संरक्षण
  • आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य
  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण

सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में निवेश से गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रोजगार के स्थायी अवसर भी तैयार होंगे।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ी योजना

सरकार इस योजना को केवल रोजगार कार्यक्रम नहीं बल्कि विकसित भारत 2047 अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।

सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे विकास कार्य कराना है जिनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़े, कृषि मजबूत हो, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो और गांव आत्मनिर्भर बन सकें।

नई योजना के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पलायन कम करने और गांवों में स्थायी विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्यों को दिए गए जरूरी निर्देश

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि योजना को लागू करने के लिए आवश्यक सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं।

इसके तहत पात्र लाभार्थियों की पहचान, कार्यों का चयन, धनराशि का आवंटन और भुगतान प्रणाली को सुचारु रूप से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि योजना का लाभ बिना किसी देरी के ग्रामीण परिवारों तक पहुंच सके।

ग्रामीण विकास के नए मॉडल पर सरकार का जोर

केंद्र सरकार का कहना है कि विकसित भारत जी-रामजी योजना रोजगार और विकास को एक साथ जोड़ने वाला नया मॉडल है। इसका उद्देश्य केवल अस्थायी रोजगार देना नहीं बल्कि गांवों में ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है जो भविष्य में भी लोगों के काम आएं।

सरकार का विश्वास है कि अधिक रोजगार, बेहतर आधारभूत ढांचा, जल संरक्षण, कृषि सुधार और पर्यावरण संरक्षण जैसे प्रयास मिलकर ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। नई व्यवस्था के जरिए रोजगार की कानूनी गारंटी बढ़ाने के साथ-साथ विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

Rashmi Gupta

Rashmi Gupta एक अनुभवी हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया लेखिका हैं, जो ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, सरकारी योजनाओं, शिक्षा और ट्रेंडिंग खबरों जैसे विषयों पर सरल और विश्वसनीय लेख लिखने के लिए जानी जाती हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और SEO फ्रेंडली कंटेंट लेखन का अच्छा अनुभव है।

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