भारत-ऑस्ट्रेलिया रिश्तों में नई उड़ान! पीएम मोदी और अल्बनीज की ऐतिहासिक बैठक, 500 मिलियन डॉलर निवेश का ऐलान

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By: Avneet Kaur

On: Thursday, July 9, 2026 6:27 PM

भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मेलबर्न में आयोजित वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद संयुक्त बयान जारी किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, साइबर सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का गर्मजोशी से स्वागत और शानदार आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अल्बनीज के व्यक्तिगत प्रयासों और प्रतिबद्धता ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को मिली नई मजबूती

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया केवल दो लोकतांत्रिक देश ही नहीं बल्कि दो बहुसांस्कृतिक समाज और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की महत्वपूर्ण समुद्री शक्तियां भी हैं। दोनों देशों की समान सोच, साझा मूल्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था आपसी विश्वास को और मजबूत बनाती है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने अभूतपूर्व प्रगति की है और अब यह सहयोग कई नए क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।

2022 के व्यापार समझौते को मिलेगा नया विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वर्ष 2022 में हुए आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते (ECTA) के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश लगातार बढ़ रहा है।

अब दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) पर तेजी से काम करने का निर्णय लिया है ताकि व्यापारिक संबंध और मजबूत बन सकें। इसके साथ ही द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) को भी जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति बनी है।

500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का निवेश

संयुक्त बयान के दौरान यह भी घोषणा की गई कि ऑस्ट्रेलिया भारत में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक का निवेश करेगा।

यह निवेश विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा जिससे भारत में रोजगार, उद्योग, तकनीकी विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन पर बढ़ेगा सहयोग

दोनों नेताओं ने रिन्यूएबल एनर्जी पार्टनरशिप को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और हरित विकास के क्षेत्र में निवेश, तकनीक हस्तांतरण और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देंगे।

पीएम सूर्यघर योजना के तहत गुजरात में दोनों देशों ने मिलकर रूफटॉप सोलर ट्रेनिंग अकादमी की स्थापना की है।

इस अकादमी का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रशिक्षित करना है ताकि उन्हें रोजगार के नए अवसर मिल सकें।

परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा समझौता

बैठक के दौरान दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण समझौता किया।

इस समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति का रास्ता खुलेगा।

इससे भारत की स्वच्छ ऊर्जा योजनाओं को मजबूती मिलेगी और ऊर्जा सुरक्षा भी बेहतर होगी।

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क्रिटिकल मिनरल्स और नई तकनीक पर साझेदारी

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने क्रिटिकल मिनरल्स, साइबर सुरक्षा, उभरती तकनीकों और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए नई पहल शुरू की है।

इस साझेदारी को AIPACTS (Australia-India Partnership on Cyber, Critical Minerals, Critical Technologies and Supply Chains) नाम दिया गया है।

इसके अलावा दोनों देश क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करने पर भी मिलकर काम करेंगे।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा में सहयोग होगा मजबूत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र केवल दो महासागरों का संगम नहीं बल्कि समान सोच वाले लोकतांत्रिक देशों की साझा आकांक्षाओं का प्रतीक भी है।

रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने एक महत्वपूर्ण संयुक्त घोषणा जारी की।

इसके तहत भारत-ऑस्ट्रेलिया डिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा जिससे रक्षा स्टार्टअप और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ेगा।

साथ ही समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप के तहत दोनों देश जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में भी मिलकर काम करेंगे।

आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई

संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को पूरी मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया आतंकवाद के खिलाफ मिलकर मजबूती से लड़ाई जारी रखेंगे और दोनों देशों का सहयोग लगातार मजबूत होता रहेगा।

युद्ध का समाधान केवल संवाद से

प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपना स्पष्ट संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी तनाव और युद्ध का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई क्षेत्रों में संघर्ष जारी हैं। उन्होंने शांति, स्थिरता और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

इंडो-पैसिफिक में साझा रणनीति

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, स्वतंत्र नौवहन और नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

दोनों नेताओं ने कहा कि इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को और मजबूत किया जाएगा।

शिक्षा और लोगों के बीच बढ़ेंगे संबंध

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों की सबसे बड़ी ताकत दोनों देशों के लोग हैं।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोग वहां की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के लिए लंबे समय से पसंदीदा शिक्षा केंद्र रहा है।

भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के कैंपस खुलने से शिक्षा सहयोग को नई दिशा मिली है।

आने वाले समय में दोनों देश छात्रों, पेशेवरों और पर्यटकों के आदान-प्रदान को और बढ़ावा देंगे।

खेल सहयोग पर भी रहेगा विशेष ध्यान

मेलबर्न को दुनिया की खेल राजधानी बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में क्रिकेट का भी रोचक उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की बैठकें क्रिकेट की तरह होती हैं।

उनके अनुसार एजेंडा वनडे की तरह केंद्रित होता है, फैसले टी-20 की तरह तेज होते हैं और साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबी और मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करेंगे, जिससे खेल अवसंरचना और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।

प्रमुख घोषणाएं एक नजर में

विषयप्रमुख घोषणा
निवेशभारत में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक निवेश
व्यापारCECA समझौते पर तेजी से काम
निवेश संधिद्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) को आगे बढ़ाने पर सहमति
स्वच्छ ऊर्जारूफटॉप सोलर ट्रेनिंग अकादमी और हरित ऊर्जा सहयोग
परमाणु ऊर्जाऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम आपूर्ति का रास्ता
क्रिटिकल मिनरल्सAIPACTS पहल और क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर
रक्षाडिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर और संयुक्त रक्षा सहयोग
समुद्री सुरक्षामेरिटाइम सिक्योरिटी रोडमैप लागू होगा
आतंकवादआतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी
शिक्षाछात्रों और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ेगा
खेलखेल अवसंरचना और स्पोर्ट्स सहयोग को बढ़ावा

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

  • ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के प्रयासों की सराहना।
  • भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी को भविष्य की साझेदारी बताया।
  • 2022 के व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने का निर्णय।
  • भारत में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक निवेश का ऐलान।
  • स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी सहयोग पर विशेष जोर।
  • परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौता।
  • यूरेनियम आपूर्ति का रास्ता खुलने की घोषणा।
  • क्रिटिकल मिनरल्स और साइबर सुरक्षा पर नई साझेदारी।
  • रक्षा, समुद्री सुरक्षा और डिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर की शुरुआत।
  • आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई दोहराई।
  • युद्धों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति से होने की बात कही।
  • शिक्षा, पर्यटन और लोगों के बीच संबंध मजबूत करने पर जोर।
  • क्रिकेट के उदाहरण से भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की गहराई को समझाया।

Avneet Kaur

Avneet Kaur TajaTimes.com की एक समर्पित कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया लेखिका हैं। वह टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, लाइफस्टाइल और ट्रेंडिंग खबरों जैसे विभिन्न विषयों पर सरल और विश्वसनीय हिंदी भाषा में लेख लिखती हैं।

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