नीट री-एग्जाम 21 जून को होगा, धर्मेंद्र प्रधान ने खुद संभाली तैयारियों की कमान, साइबर सुरक्षा पर विशेष नजर

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By: Abhishek Bansal

On: Tuesday, June 9, 2026 4:42 PM

21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा पर सरकार पूरी तरह सतर्क

नीट यूजी परीक्षा को लेकर पिछले कुछ महीनों से लगातार विवाद और चर्चाओं का दौर जारी है। पेपर लीक और परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच अब 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा पर केंद्र सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए के मुख्यालय पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।

धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कहा है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। साइबर खतरों से लेकर प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और परीक्षा केंद्रों तक उनकी सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है।

एनटीए मुख्यालय पहुंचकर शिक्षा मंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि उन्होंने सीधे एनटीए मुख्यालय जाकर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की और यह समझने की कोशिश की कि 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा के लिए किस प्रकार की तैयारियां की जा रही हैं।

उनका कहना था कि पिछले कुछ समय में कई बार परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की जा चुकी है, लेकिन इस बार उन्होंने स्वयं एनटीए मुख्यालय जाकर पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमजोरी न रह जाए।

उन्होंने कहा कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और गोपनीयता के साथ संपन्न कराना सरकार की प्राथमिकता है।

प्रश्नपत्र की सुरक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हर चरण में गोपनीयता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

सरकार चाहती है कि किसी भी स्तर पर प्रश्नपत्र की सुरक्षा से समझौता न हो। इसके लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि समयबद्ध और सुरक्षित तरीके से प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाए।

इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रखा जा सके।

साइबर खतरों को लेकर एजेंसियां अलर्ट

पिछले कुछ समय में परीक्षा संबंधी मामलों में साइबर अपराधों की आशंका को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि साइबर सुरक्षा के मामले में विभिन्न एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, डिजिटल संचार और अन्य तकनीकी माध्यमों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई के लिए अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।

सरकार का उद्देश्य है कि परीक्षा प्रक्रिया को किसी भी प्रकार के साइबर हमले या अवैध गतिविधियों से पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए।

कैबिनेट सचिव और गृह सचिव कर रहे निगरानी

नीट पुनर्परीक्षा को लेकर सिर्फ शिक्षा मंत्रालय ही नहीं बल्कि सरकार के कई बड़े विभाग भी सक्रिय हो गए हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि कैबिनेट सचिव के नेतृत्व में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है।

इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और परीक्षा की सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

इसके अलावा गृह सचिव भी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कानून व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी मामलों में गृह मंत्रालय लगातार राज्यों और संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क में है।

राज्यों से भी मांगा गया सहयोग

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि उन्होंने देश के सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि पहले भी राज्यों का सहयोग मिला है और इस बार और अधिक सतर्कता की आवश्यकता है।

उन्होंने राज्यों से आग्रह किया है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए और प्रशासनिक स्तर पर पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए।

राज्यों और केंद्र सरकार के बीच लगातार तालमेल बनाया जा रहा है ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की अव्यवस्था या परेशानी पैदा न हो।

सभी विभाग मिलकर कर रहे काम

नीट जैसी बड़ी परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए कई विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। प्रश्नपत्रों की छपाई, परिवहन, सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों का प्रबंधन और अभ्यर्थियों की सुविधा जैसे कई पहलुओं पर अलग-अलग विभाग काम करते हैं।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस बार सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। प्रत्येक विभाग को उसकी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से समझाई गई है और लगातार समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति पर नजर रखी जा रही है।

बार-बार हो रही समीक्षा बैठकें

सरकार इस परीक्षा को लेकर किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती। यही कारण है कि लगातार समीक्षा बैठकों का दौर जारी है।

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि पिछले कुछ समय में कई बार परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई है। हर बैठक में सुरक्षा, गोपनीयता और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई है।

जहां भी सुधार की जरूरत महसूस हुई, वहां तुरंत आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

छात्रों का भरोसा वापस जीतना सबसे बड़ी चुनौती

नीट परीक्षा को लेकर हुए विवादों के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों के मन में कई सवाल खड़े हुए थे। ऐसे में सरकार और एनटीए के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा फिर से कायम करना है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर छात्र को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा का अवसर मिले।

इसी वजह से इस बार पहले की तुलना में कहीं अधिक तैयारी की जा रही है।

परीक्षा केंद्रों पर भी बढ़ाई जाएगी निगरानी

सूत्रों के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मदद से परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी।

कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए जा सकते हैं। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की जांच और अन्य औपचारिकताओं का भी सख्ती से पालन कराया जाएगा।

एनटीए के लिए प्रतिष्ठा का सवाल

पिछले कुछ समय में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठे थे। ऐसे में 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा एनटीए के लिए भी एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।

अगर परीक्षा सफलतापूर्वक और बिना किसी विवाद के संपन्न होती है तो इससे एजेंसी की विश्वसनीयता को मजबूती मिलेगी। वहीं किसी भी प्रकार की गड़बड़ी एनटीए के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकती है।

इसी कारण एजेंसी इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।

अभ्यर्थियों से अफवाहों से बचने की अपील

सरकार और एनटीए की ओर से छात्रों से यह भी अपील की जा रही है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें।

परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारियां केवल एनटीए की वेबसाइट और आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों से बचना भी जरूरी है।

छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी तैयारी पर ध्यान दें और किसी भी तरह की अफवाह से प्रभावित न हों।

21 जून की परीक्षा पर पूरे देश की नजर

नीट पुनर्परीक्षा सिर्फ लाखों छात्रों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पूरे देश की नजर भी इस परीक्षा पर टिकी हुई है। सरकार, एनटीए, राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि परीक्षा पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हो।

धर्मेंद्र प्रधान के बयान से साफ है कि इस बार परीक्षा की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर पहले से कहीं अधिक गंभीरता दिखाई जा रही है। केंद्र सरकार चाहती है कि छात्रों का विश्वास बना रहे और भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों।

Abhishek Bansal

Abhishek Bansal TajaTimes.com की पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं। वे टेक्नोलॉजी, लाइफस्टाइल, मनोरंजन और ट्रेंडिंग खबरों पर सरल, सटीक और विश्वसनीय लेख लिखती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक उपयोगी और ताज़ा जानकारी पहुंचाना है

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