घर का वास्तु दोष सिर्फ दिशा से नहीं, इन 2 जगहों से भी चलता है पता! जानिए कैसे पहचानें नकारात्मक ऊर्जा

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By: Deep Garg

On: Sunday, August 2, 2026 12:22 PM

घर की साफ टेरेस और व्यवस्थित जमीन, वास्तु के पारंपरिक विचारों के अनुसार सकारात्मक माहौल का प्रतीक

घर बनाते समय अधिकतर लोग कमरों की दिशा, मुख्य द्वार और रसोई की स्थिति पर ध्यान देते हैं। लेकिन क्या केवल दिशाएं ही घर के वास्तु को तय करती हैं? कई लोगों का मानना है कि अगर घर सही दिशा में बना है तो सब कुछ ठीक रहेगा। जबकि वास्तु से जुड़े पारंपरिक विचारों में यह भी माना जाता है कि घर की कुछ ऐसी जगहें होती हैं, जिनकी अनदेखी करने पर नकारात्मक माहौल बनने लगता है।

इसी वजह से कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर घर में कौन-सी ऐसी जगहें हैं, जिनका सीधा असर वातावरण और परिवार के माहौल पर पड़ सकता है। इस लेख में हम उन्हीं दो महत्वपूर्ण स्थानों के बारे में विस्तार से जानेंगे, जिन पर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता।

विषयजानकारी
मुख्य विषयघर का वास्तु और सकारात्मक वातावरण
महत्वपूर्ण स्थानजमीन और टेरेस
किस पर ध्यान देंसफाई, रखरखाव और व्यवस्थित वातावरण
उद्देश्यघर में स्वच्छ और सकारात्मक माहौल बनाए रखना

क्या केवल दिशा से तय होता है वास्तु?

अक्सर लोग सोचते हैं कि उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम दिशा ही घर के वास्तु का सबसे बड़ा आधार हैं। लेकिन पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार केवल दिशाओं से ही पूरे घर का प्रभाव तय नहीं होता।

घर की साफ-सफाई, रखरखाव, खुलापन और ऊर्जा का प्रवाह भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि घर की कुछ जगहों की लंबे समय तक अनदेखी की जाए तो वहां गंदगी और अव्यवस्था जमा होने लगती है, जिससे घर का वातावरण भी प्रभावित हो सकता है।

इसी कारण कई वास्तु विशेषज्ञ घर के दो हिस्सों पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं।

पहली महत्वपूर्ण जगह – घर की जमीन

घर की नींव और जमीन को किसी भी मकान का सबसे मजबूत आधार माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यदि जमीन से जुड़ी समस्याओं की अनदेखी की जाए तो उसका असर पूरे घर के वातावरण पर दिखाई दे सकता है।

जमीन से जुड़े कुछ बिंदु जिन पर ध्यान देना चाहिए—

  • घर में लगातार नमी बनी रहना।
  • जगह-जगह दरारें आना।
  • पानी का लंबे समय तक जमा रहना।
  • गंदगी का इकट्ठा होना।
  • अनुपयोगी सामान का वर्षों तक पड़ा रहना।

यदि इन बातों का समय-समय पर ध्यान रखा जाए तो घर अधिक व्यवस्थित और साफ बना रहता है।

साफ और व्यवस्थित जमीन क्यों है जरूरी?

स्वच्छता केवल देखने में अच्छी नहीं लगती बल्कि यह पूरे घर के माहौल को भी बेहतर बनाती है।

जब घर के फर्श, आंगन या आसपास का हिस्सा साफ रहता है तो परिवार के लोगों को भी अच्छा महसूस होता है। वहीं यदि हर समय गंदगी या अव्यवस्था बनी रहे तो मानसिक रूप से भी उसका प्रभाव महसूस किया जा सकता है।

इसीलिए नियमित सफाई को सबसे महत्वपूर्ण आदतों में शामिल किया जाता है।

दूसरी महत्वपूर्ण जगह – घर की टेरेस

घर की छत यानी टेरेस ऐसी जगह होती है जिसे अक्सर लोग सबसे ज्यादा नजरअंदाज कर देते हैं।

शुरुआत में वहां थोड़ा-बहुत सामान रखा जाता है और धीरे-धीरे वह स्टोर रूम जैसी बन जाती है। पुराने फर्नीचर, टूटी कुर्सियां, लोहे का कबाड़, टूटे गमले और बेकार सामान सालों तक वहीं पड़े रहते हैं।

पारंपरिक वास्तु मान्यताओं में माना जाता है कि ऐसी स्थिति घर के वातावरण पर अच्छा प्रभाव नहीं डालती।

टेरेस पर कौन-कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?

यदि आप अपनी छत को साफ और व्यवस्थित रखना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें—

  • टूटा हुआ लोहा लंबे समय तक न रखें।
  • कबाड़ इकट्ठा न होने दें।
  • पानी जमा न होने दें।
  • काई (एल्गी) बनने पर तुरंत सफाई करें।
  • चारों कोनों की नियमित सफाई करें।
  • टूटे गमले और बेकार सामान हटा दें।

इन छोटी-छोटी आदतों से टेरेस काफी बेहतर दिखाई देती है।

एल्गी और गंदगी क्यों बनती है समस्या?

बरसात के मौसम में कई घरों की छत पर हरी काई जम जाती है। यदि समय रहते इसे साफ न किया जाए तो फिसलने का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसके अलावा लगातार नमी रहने से छत की मजबूती पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए समय-समय पर टेरेस की धुलाई और सफाई करना जरूरी माना जाता है।

क्या अव्यवस्था का असर मानसिक माहौल पर पड़ सकता है?

मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी माना जाता है कि साफ-सुथरा और व्यवस्थित वातावरण व्यक्ति के मूड को बेहतर बना सकता है।

जब घर में हर जगह सामान बिखरा रहता है तो तनाव, चिड़चिड़ापन और असहजता महसूस होना स्वाभाविक है।

इसीलिए घर की सफाई केवल वास्तु के लिए ही नहीं बल्कि बेहतर जीवनशैली के लिए भी जरूरी मानी जाती है।

परिवार के माहौल पर कैसा प्रभाव पड़ सकता है?

पारंपरिक मान्यताओं में यह कहा जाता है कि यदि घर का वातावरण लगातार अव्यवस्थित रहे तो परिवार के सदस्यों के बीच तनाव और मतभेद बढ़ सकते हैं।

हालांकि इसका कोई सार्वभौमिक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, लेकिन साफ-सुथरा और व्यवस्थित घर परिवार के लिए अधिक आरामदायक और सकारात्मक अनुभव जरूर देता है।

घर का ओरा क्या होता है?

कई लोग “ओरा” शब्द का उपयोग व्यक्ति या स्थान के आसपास महसूस होने वाले वातावरण या ऊर्जा के लिए करते हैं।

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यदि घर हमेशा साफ, हवादार और व्यवस्थित रखा जाए तो वहां सकारात्मक माहौल बना रहता है।

जबकि लंबे समय तक गंदगी, कबाड़ और उपेक्षा रहने पर लोगों को घर का वातावरण भारी या असहज लग सकता है।

सकारात्मक माहौल बनाए रखने के आसान उपाय

यदि आप अपने घर को अधिक व्यवस्थित रखना चाहते हैं तो इन आसान आदतों को अपनाया जा सकता है—

  • रोजाना झाड़ू और पोछा करें।
  • सप्ताह में एक बार टेरेस जरूर साफ करें।
  • टूटा हुआ सामान तुरंत हटाएं।
  • बेकार कबाड़ जमा न होने दें।
  • बारिश के बाद पानी जमा न रहने दें।
  • घर के हर कोने की नियमित सफाई करें।
  • पर्याप्त धूप और हवा आने दें।
  • पौधों की समय-समय पर देखभाल करें।

किन चीजों को तुरंत हटाना चाहिए?

घर में लंबे समय तक रखी कुछ चीजें केवल जगह घेरती हैं।

जैसे—

  • टूटी कुर्सियां।
  • जंग लगा लोहा।
  • खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान।
  • टूटे गमले।
  • बेकार लकड़ी।
  • फटे डिब्बे।
  • अनुपयोगी प्लास्टिक का सामान।

यदि इनकी जरूरत नहीं है तो इन्हें समय रहते हटा देना बेहतर रहता है।

नियमित निरीक्षण क्यों जरूरी है?

अधिकतर लोग केवल त्योहारों पर ही पूरे घर की सफाई करते हैं।

लेकिन यदि हर महीने एक बार पूरी छत, स्टोर रूम और घर के बाहरी हिस्से का निरीक्षण कर लिया जाए तो गंदगी जमा होने की संभावना काफी कम हो जाती है।

यह आदत घर को लंबे समय तक साफ और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद करती है।

वास्तु से जुड़े पारंपरिक विचार और व्यवहारिक सोच

वास्तु से जुड़ी कई मान्यताएं भारतीय परंपरा का हिस्सा हैं। वहीं व्यवहारिक रूप से देखें तो घर की साफ-सफाई, धूप, हवा और नियमित रखरखाव किसी भी घर को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसलिए चाहे कोई व्यक्ति वास्तु में विश्वास करता हो या नहीं, घर की जमीन और टेरेस की नियमित सफाई, कबाड़ हटाना, नमी से बचाव और व्यवस्थित रखरखाव हर परिवार के लिए लाभदायक आदत मानी जा सकती है।

Deep Garg

दीप गर्ग TajaTimes.com के संस्थापक (Founder) और संपादक (Editor) हैं। वह सटीक और समय पर रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए टेक्नोलॉजी, बिजनेस, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और ट्रेंडिंग खबरों को कवर करते हैं।

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