राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में 3 महीने की सजा, कोर्ट के फैसले के बाद वायरल हुआ पहला पोस्ट

Photo of author

By: Deep Garg

On: Saturday, July 11, 2026 1:59 PM

राजपाल यादव चेक बाउंस केस: 3 महीने की जेल, कोर्ट का बड़ा फैसला और सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई चर्चा

राजपाल यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म या कॉमेडी नहीं, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट का एक बड़ा फैसला है। चेक बाउंस मामले में अदालत ने उनकी सजा को बरकरार रखते हुए उन्हें 3 महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के कुछ ही समय बाद राजपाल यादव का सोशल मीडिया पोस्ट सामने आया, जिसने लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी।

फैंस को उम्मीद थी कि अभिनेता इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे, लेकिन इसके बजाय उन्होंने अभिनेता अक्षय कुमार के साथ एक मजेदार विज्ञापन वीडियो साझा कर दिया। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

कोर्ट के फैसले के बाद वायरल हुआ पहला पोस्ट

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजपाल यादव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अक्षय कुमार के साथ एक विज्ञापन वीडियो शेयर किया। वीडियो पूरी तरह मनोरंजन से जुड़ा था और उसमें किसी भी तरह से कोर्ट के फैसले या कानूनी विवाद का जिक्र नहीं था।

पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स हैरान रह गए। कई लोगों ने सवाल उठाया कि इतने बड़े फैसले के तुरंत बाद ऐसा पोस्ट क्यों शेयर किया गया। वहीं कुछ लोगों का मानना था कि यह पोस्ट पहले से तय समय पर ऑटोमैटिक तरीके से प्रकाशित होने के लिए शेड्यूल किया गया होगा।

कुछ फैंस ने अभिनेता का समर्थन करते हुए कहा कि सोशल मीडिया टीम पहले से पोस्ट शेड्यूल करती है और इसका कोर्ट केस से कोई संबंध नहीं हो सकता। वहीं कई लोगों ने इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं।

आखिर क्या है पूरा मामला

यह मामला करीब 16 साल पुराना बताया जा रहा है। वर्ष 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था।

फिल्म से अच्छी कमाई की उम्मीद थी, लेकिन रिलीज के बाद यह बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी। फिल्म के फ्लॉप होने के कारण आर्थिक नुकसान हुआ और तय समय पर लोन की पूरी रकम वापस नहीं चुकाई जा सकी।

इसके बाद बकाया राशि पर ब्याज जुड़ता गया और समय के साथ कुल देनदारी लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसी विवाद ने आगे चलकर कानूनी रूप ले लिया।

चेक बाउंस का मामला कैसे बना

बताया गया कि लोन चुकाने के लिए जारी किए गए कुछ चेक बैंक में प्रस्तुत किए गए, लेकिन वे क्लियर नहीं हो सके। इसके बाद संबंधित कंपनी ने चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया।

भारत में चेक बाउंस से जुड़े मामलों की सुनवाई नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत की जाती है। यदि जारी किया गया चेक पर्याप्त राशि न होने या अन्य कारणों से बैंक द्वारा वापस कर दिया जाता है और तय प्रक्रिया के बाद भी भुगतान नहीं किया जाता, तो मामला अदालत तक पहुंच सकता है।

इसी प्रक्रिया के तहत राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।

साल 2018 में आया पहला बड़ा फैसला

कई वर्षों तक चली सुनवाई के बाद वर्ष 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराया।

अदालत ने दोनों को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। साथ ही आर्थिक दायित्वों को पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा क्योंकि राजपाल यादव बॉलीवुड के लोकप्रिय हास्य कलाकारों में गिने जाते हैं।

सेशंस कोर्ट ने भी बरकरार रखा फैसला

मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की गई, लेकिन वर्ष 2019 में सेशंस कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को सही माना।

इसके बाद राजपाल यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और राहत की मांग की।

हाईकोर्ट ने पहले दिया था मौका

जून 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव को कुछ राहत दी थी।

अदालत ने उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए उन्हें बकाया राशि चुकाने के लिए ईमानदार प्रयास करने का अवसर दिया था।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि भुगतान की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाते हैं तो मामले पर आगे विचार किया जा सकता है।

यह भी पढ़े : 53 साल बाद क्या गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़ देंगे सलमान खान? नए घर की खबर से मची हलचल

अदालत ने क्यों नहीं दी राहत

सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह बात रखी गई कि राजपाल यादव ने कई बार लिखित रूप से भुगतान करने का भरोसा दिया था।

हालांकि अदालत के अनुसार बार-बार अवसर मिलने के बावजूद तय शर्तों के अनुसार भुगतान पूरा नहीं किया गया।

इसी कारण अदालत ने माना कि पहले दिए गए अवसरों का अपेक्षित उपयोग नहीं किया गया और अंततः राहत देने से इनकार कर दिया।

बीच में जाना पड़ा था जेल

मामले की सुनवाई के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब राजपाल यादव को अदालत के आदेश के बाद सरेंडर करना पड़ा।

कुछ समय जेल में रहने के बाद उन्होंने लगभग 1.5 करोड़ रुपये जमा किए, जिसके बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी।

हालांकि इससे मामला समाप्त नहीं हुआ और अंतिम फैसला लंबित रहा।

10 जुलाई को आया बड़ा फैसला

10 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर अपना फैसला सुनाया।

अदालत ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए राजपाल यादव की सजा को कायम रखा।

फैसले के अनुसार उन्हें 3 महीने की जेल की सजा भुगतनी होगी।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कई अवसर मिलने के बावजूद भुगतान संबंधी शर्तों का पालन नहीं किया गया।

जुर्माने को लेकर भी बड़ा आदेश

जेल की सजा के अलावा अदालत ने आर्थिक दंड भी लगाया है।

फैसले के अनुसार राजपाल यादव पर हर महीने के हिसाब से 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया, जो कुल मिलाकर लगभग 7.35 करोड़ रुपये बताया गया।

इसके अलावा उनकी पत्नी राधा पर भी अलग से जुर्माना लगाया गया है।

यह आर्थिक दंड मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

कुछ लोगों ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।

वहीं कई फैंस ने उम्मीद जताई कि राजपाल यादव कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई करेंगे।

कुछ यूजर्स ने उनके पुराने कॉमिक किरदारों का जिक्र करते हुए भावुक प्रतिक्रियाएं भी दीं।

अक्षय कुमार वाला वीडियो क्यों बना चर्चा का विषय

जिस वीडियो को राजपाल यादव ने शेयर किया, उसमें उनके साथ अक्षय कुमार नजर आए।

वीडियो पूरी तरह मनोरंजन और विज्ञापन से जुड़ा था।

यही वजह रही कि कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद इस पोस्ट का सामने आना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

कई डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट पर कई पोस्ट पहले से तय समय के अनुसार प्रकाशित होते हैं। इसलिए यह जरूरी नहीं कि पोस्ट उसी समय व्यक्तिगत रूप से शेयर किया गया हो।

हालांकि इस संबंध में राजपाल यादव की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।

राजपाल यादव का फिल्मी सफर

राजपाल यादव हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी कलाकारों में गिने जाते हैं।

उन्होंने अपने करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया है और अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का दिल जीता है।

उनकी अलग शैली और संवाद अदायगी ने उन्हें बॉलीवुड में एक खास पहचान दिलाई।

यही कारण है कि उनके खिलाफ आए इस फैसले ने उनके प्रशंसकों को भी हैरान कर दिया है।

अदालत ने आदेश में क्या कहा

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी की ओर से कई बार लिखित रूप में भुगतान का आश्वासन दिया गया था।

इसके बावजूद तय समय के भीतर भुगतान पूरा नहीं किया गया।

कोर्ट ने माना कि न्यायालय द्वारा दिए गए अवसरों का पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया, इसलिए सजा में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं बनता।

इसी आधार पर निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा गया।

अब आगे क्या हो सकता है

हाईकोर्ट के फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

यदि कानूनी प्रावधानों के अनुसार उपलब्ध हो, तो राजपाल यादव उच्च न्यायिक मंच पर राहत की मांग कर सकते हैं।

फिलहाल अदालत का आदेश प्रभावी है और पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।

मामले की प्रमुख बातें

विषयजानकारी
अभिनेताराजपाल यादव
मामलाचेक बाउंस केस
लोन राशिलगभग 5 करोड़ रुपये
लोन लेने का वर्ष2010
फिल्मअता पता लापता
बकाया राशिलगभग 9 करोड़ रुपये
पहला फैसला2018
हाईकोर्ट का ताजा फैसला3 महीने की जेल
आर्थिक दंडकुल लगभग 7.35 करोड़ रुपये
पत्नी पर कार्रवाईअलग से जुर्माना लगाया गया

Deep Garg

Deepak Garg is the founder and editor of TajaTimes.com. He covers technology, business, entertainment, lifestyle, and trending news with a focus on accurate and timely reporting.

Related News

July 11, 2026

July 7, 2026

July 6, 2026

June 27, 2026

June 25, 2026

June 21, 2026

Leave a Comment