| मुख्य बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| कार्यक्रम | भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप लॉन्च |
| स्थान | मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम (MCG), ऑस्ट्रेलिया |
| भारतीय प्रतिनिधि | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी |
| ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधि | प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज |
| विशेष मुलाकात | स्टीव वॉ और लीजा स्थालेकर से मुलाकात |
| प्रमुख उद्देश्य | खेल सहयोग, स्पोर्ट्स साइंस, ट्रेनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा |
| भविष्य की योजना | ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और खेल निवेश में साझेदारी |
मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम में दिखी भारत-ऑस्ट्रेलिया की मजबूत साझेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम (MCG) में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेल सहयोग को नई दिशा देने के लिए इंडिया-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप लॉन्च किया।
यह पहल केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच खेल विज्ञान, प्रशिक्षण, तकनीक, बड़े खेल आयोजनों और खेल उद्योग में निवेश जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करेगी। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि खेल दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक गहरा बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
क्रिकेट बना दोनों देशों की दोस्ती की सबसे मजबूत भाषा
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद रोचक अंदाज में भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों की तुलना क्रिकेट से की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट दोनों देशों की रिश्तों की अपनी एक अलग “डिप्लोमैटिक लैंग्वेज” बन चुका है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों की बैठकों का एजेंडा वनडे मैच की तरह स्पष्ट और केंद्रित होता है, निर्णय टी-20 की तरह तेज़ी से लिए जाते हैं और दोनों देशों की साझेदारी टेस्ट क्रिकेट की तरह लंबी, मजबूत और भरोसेमंद है।
प्रधानमंत्री के इस अंदाज ने वहां मौजूद खिलाड़ियों, अधिकारियों और खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया।
पीएम मोदी और एंथनी अल्बनीज ने लॉन्च किया स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप
मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने संयुक्त रूप से स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप लॉन्च किया।
इस रोडमैप के तहत दोनों देश कई क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इनमें शामिल हैं—
- स्पोर्ट्स साइंस
- खिलाड़ियों का प्रशिक्षण
- आधुनिक खेल तकनीक
- बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का संचालन
- खेल पर्यटन
- खेल उद्योग में निवेश
- खेल से जुड़े व्यापारिक अवसर
दोनों नेताओं ने कहा कि यह पहल आने वाले वर्षों में खेल क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।
ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर बढ़ेगा सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों में बड़े खेल आयोजनों का आयोजन होगा। ऐसे में दोनों देशों के बीच अनुभव साझा करने और बेहतर व्यवस्थाओं के विकास की काफी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि खेलों के आयोजन से केवल खिलाड़ियों को ही फायदा नहीं होगा बल्कि खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
भारत की ओर से वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा भी चर्चा का प्रमुख विषय रही।
स्टीव वॉ और लीजा स्थालेकर से हुई विशेष मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व महान कप्तान स्टीव वॉ और भारतीय मूल की पूर्व महिला क्रिकेट कप्तान लीजा स्थालेकर से मुलाकात की।
तीनों के बीच क्रिकेट, खेल विकास, युवा खिलाड़ियों और दोनों देशों के खेल संबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई।
यह मुलाकात इसलिए भी खास रही क्योंकि दोनों पूर्व क्रिकेटरों ने अपने-अपने समय में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था।
यह भी पढ़ें : भारत-अमेरिका रिश्तों पर ट्रंप का बड़ा बयान, पीएम मोदी को बताया करीबी मित्र, ट्रेड डील पर जताई उम्मीद
खिलाड़ियों के साथ भारत के खेल भविष्य पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने स्टीव वॉ और लीजा स्थालेकर के साथ भारत में तेजी से विकसित हो रहे खेल ढांचे पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि भारत में खेल सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है।
चर्चा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले खिलाड़ियों, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल परिसरों पर भी विचार साझा किए गए।
खेलो इंडिया अभियान की हुई सराहना
भारतीय मूल की पूर्व ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट कप्तान लीजा स्थालेकर ने भारत सरकार की खेलो इंडिया पहल की खुलकर प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में करोड़ों प्रतिभाशाली बच्चे मौजूद हैं। यदि उन्हें शुरुआती स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण, मैदान और सुविधाएं मिलें तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार को सराहनीय कदम बताया।
उनका मानना है कि जमीनी स्तर पर खेल कार्यक्रम और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने से भविष्य में भारत को बड़ी संख्या में विश्वस्तरीय खिलाड़ी मिलेंगे।
बच्चों और उभरते खिलाड़ियों से मिले प्रधानमंत्री मोदी
मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम में प्रधानमंत्री मोदी ने केवल वरिष्ठ खिलाड़ियों से ही नहीं बल्कि युवा खिलाड़ियों और बच्चों से भी मुलाकात की।
स्टेडियम में मौजूद कई बच्चों ने प्रधानमंत्री से ऑटोग्राफ लिए और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
प्रधानमंत्री ने उभरती खेल प्रतिभाओं को मेहनत, अनुशासन और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के रग्बी खिलाड़ियों से भी उनकी मुलाकात हुई।
खेल विज्ञान और तकनीक पर रहेगा विशेष फोकस
नए स्पोर्ट्स रोडमैप के तहत केवल खिलाड़ियों के आदान-प्रदान तक ही सहयोग सीमित नहीं रहेगा।
दोनों देश इन क्षेत्रों में भी मिलकर काम करेंगे—
- स्पोर्ट्स साइंस
- फिटनेस रिसर्च
- स्पोर्ट्स मेडिसिन
- हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग
- डेटा एनालिटिक्स
- आधुनिक खेल तकनीक
- कोचिंग एक्सचेंज प्रोग्राम
इससे दोनों देशों के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी।
व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी मिलेगा बढ़ावा
स्पोर्ट्स रोडमैप केवल खेल तक सीमित नहीं है।
दोनों देशों का मानना है कि बड़े खेल आयोजन पर्यटन और व्यापार को भी नई गति देते हैं।
जब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं तो होटल, परिवहन, खेल उपकरण, मीडिया, प्रसारण और स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिलता है।
इसी कारण रोडमैप में खेल निवेश और खेल आधारित आर्थिक अवसरों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
भारत में होगा बिग बैश लीग का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि दिसंबर में चेन्नई में बिग बैश लीग से जुड़ा विशेष आयोजन किया जाएगा।
बिग बैश लीग ऑस्ट्रेलिया की लोकप्रिय टी-20 प्रतियोगिता है, जिसकी लोकप्रियता दुनिया भर में लगातार बढ़ रही है।
भारत में इस आयोजन से दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मेलबर्न स्टेडियम की ऐतिहासिक गैलरी का किया दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम की ऐतिहासिक गैलरी का भी दौरा किया।
यह गैलरी विश्व क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की यादों को संजोकर रखती है।
दौरे के दौरान उन्होंने क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर और ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन से जुड़ी प्रसिद्ध तस्वीरों और ऐतिहासिक प्रदर्शनों को देखा।
यह दौरा क्रिकेट इतिहास और दोनों देशों की साझा खेल विरासत का प्रतीक माना गया।
स्टीव वॉ को भेंट की 20 वर्ष पुरानी यादगार तस्वीर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ को एक बेहद खास उपहार भी दिया।
उन्होंने लगभग 20 वर्ष पुरानी एक तस्वीर उन्हें भेंट की, जिसमें स्टीव वॉ उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते दिखाई दे रहे हैं।
इस पुराने पल को फिर से याद कर दोनों नेताओं ने खुशी व्यक्त की।
यह तस्वीर केवल एक उपहार नहीं थी, बल्कि दो दशकों से चले आ रहे आपसी सम्मान और मित्रता का प्रतीक भी बनी।
खेल के जरिए और मजबूत होंगे भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट लंबे समय से रिश्तों की मजबूत कड़ी रहा है। अब दोनों देशों ने इस साझेदारी को अन्य खेलों तक भी विस्तार देने का फैसला किया है।
स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप के माध्यम से प्रशिक्षण, विज्ञान, तकनीक, खेल आयोजन, निवेश और युवा प्रतिभाओं के विकास पर संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों के खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के बेहतर अवसर मिलेंगे और खेल के माध्यम से भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होंगे।











