उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 जून को पीलीभीत जिले के बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर गांव में 569.11 करोड़ रुपये की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने करीब ढाई हजार विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार प्रमाण पत्र भी वितरित किए। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के साथ-साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
कांग्रेस और सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने हमेशा एक विशेष वर्ग की राजनीति की और इसी कारण देश तथा समाज को नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा का पूरा ध्यान केवल मुस्लिम समुदाय पर केंद्रित रहा, जबकि गरीब, दलित और वंचित वर्ग की समस्याओं की अनदेखी की गई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यही कारण था कि जनता ने इन दलों को सत्ता से बाहर कर दिया।
विभाजन और बांग्लादेश को लेकर कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के विभाजन और पूर्वी पाकिस्तान, जिसे आज बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है, का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विभाजन के लिए कांग्रेस की नीतियां जिम्मेदार थीं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि उस समय नेतृत्व मजबूत होता तो भारत का विभाजन नहीं होता। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपनी पैतृक भूमि छोड़नी पड़ी और भारी संख्या में लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा।
समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पार्टी के नेताओं को केवल अपने परिवार की चिंता रही। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज और प्रदेश के विकास के बारे में नहीं सोच सकते।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता ने समाजवादी पार्टी की “साइकिल” को इस तरह पंचर कर दिया कि वह दोबारा चलने की स्थिति में नहीं रही। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यदि ऐसी सरकारें दोबारा सत्ता में आती हैं तो प्रदेश में दंगे, गुंडागर्दी और कानून व्यवस्था की समस्याएं फिर बढ़ सकती हैं।
कानून व्यवस्था पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की कानून व्यवस्था को लेकर भी कई दावे किए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में माफियाओं का दबदबा था। गरीबों की जमीनों पर कब्जा होता था, व्यापारियों को परेशान किया जाता था और महिलाओं की सुरक्षा भी चुनौती बनी रहती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। उन्होंने दावा किया कि सरकार की चेतावनी के बाद कई लोगों ने स्वयं कब्जाई गई जमीन खाली कर दी। उन्होंने यह भी कहा कि अब प्रदेश में माफियाओं का प्रभाव समाप्त हो चुका है और उत्तर प्रदेश में दंगे नहीं होते।
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गरीबों और वंचित परिवारों को मिले भूमि अधिकार
सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने जिन परिवारों को भूमि अधिकार प्रमाण पत्र दिए, उनका भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये अधिकांश दलित और वंचित वर्ग के परिवार हैं, जिन्हें लंबे समय से अपने अधिकारों का इंतजार था।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी को कई बार सत्ता में रहने का अवसर मिला, लेकिन उसने गरीबों की समस्याओं की कभी चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
पीलीभीत के विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बरखेड़ा और बिसलपुर विधानसभा क्षेत्रों को लगभग 600 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि पिछली सरकारों ने भी इस क्षेत्र के विकास पर ध्यान दिया होता तो यहां पहले ही मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं स्थापित हो चुकी होतीं।
विस्थापित परिवारों को मिला स्थायी अधिकार
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उन परिवारों का भी उल्लेख किया जिन्हें कई दशक पहले बांग्लादेश से विस्थापित होकर पीलीभीत में बसाया गया था। उन्होंने कहा कि लगभग 55 से 56 वर्ष पहले यहां आए इन परिवारों को अब भारतीय नागरिकता के साथ भूमि अधिकार प्रमाण पत्र भी मिल चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन परिवारों को किसी प्रकार की असुरक्षा महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकार पत्र मिलने के बाद कोई भी इन्हें यहां से बेदखल नहीं कर सकता और अब ये परिवार अपनी विरासत को सुरक्षित रखते हुए सम्मान के साथ जीवन जी सकेंगे।




