NEET छात्रों के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके पीएम मोदी, फैसले की हर तरफ हो रही चर्चा

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By: Deep Garg

On: Sunday, June 21, 2026 7:52 PM

देशभर में आयोजित हो रही नीट री-एग्जाम परीक्षा के बीच एक ऐसी खबर सामने आई जिसने लाखों छात्रों और अभिभावकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब 45 मिनट तक इंतजार किया ताकि परीक्षा देने जा रहे छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रधानमंत्री का यह कदम छात्रों की सुविधा और उनके भविष्य को प्राथमिकता देने के रूप में देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल के दौरे से लौटकर दिल्ली पहुंचे थे। उनका विमान दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर गया था। सामान्य परिस्थितियों में प्रधानमंत्री का काफिला तुरंत अपने गंतव्य की ओर रवाना हो जाता है, लेकिन इस बार उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने लगभग 45 मिनट तक एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला लिया और दोपहर 2 बजे के बाद ही वहां से निकले।

क्यों किया गया 45 मिनट का इंतजार?

दरअसल, उसी दिन नीट री-एग्जाम की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शुरू होनी थी। प्रधानमंत्री के आवागमन के दौरान सुरक्षा कारणों से कई सड़क मार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रण और रूट डायवर्जन लागू किए जाते हैं। ऐसे में आशंका थी कि परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे छात्रों को रास्ते में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने अपना कार्यक्रम कुछ देर के लिए रोक दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि पहले सभी छात्र अपने-अपने परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित और समय पर पहुंच जाएं। परीक्षा शुरू होने के बाद ही उनका काफिला एयरपोर्ट से रवाना हुआ।

छात्रों की सुविधा को मिली प्राथमिकता

नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। एक-एक मिनट की देरी भी कई छात्रों के लिए चिंता का कारण बन सकती है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया यह निर्णय चर्चा का विषय बन गया है।

कई लोगों का मानना है कि इस फैसले से यह संदेश गया कि छात्रों की शिक्षा और परीक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार का ट्रैफिक व्यवधान न हो, इसके लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने भी विशेष व्यवस्था की।

पश्चिम बंगाल दौरे से लौटे थे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दौरे पर गए हुए थे। वहां विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद वे दिल्ली लौटे। उनका विमान निर्धारित समय के अनुसार दोपहर 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गया था।

हालांकि सुरक्षा और प्रोटोकॉल के हिसाब से उनका काफिला तुरंत आगे बढ़ सकता था, लेकिन नीट परीक्षा को देखते हुए समय में बदलाव किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री एयरपोर्ट पर ही मौजूद रहे और निर्धारित समय के बाद रवाना हुए।

नीट री-एग्जाम दोपहर 2 बजे से शुरू

देशभर में नीट री-एग्जाम दोपहर 2 बजे शुरू हुआ। परीक्षा शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा में लाखों छात्र शामिल हुए हैं।

राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु विशेष इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही छात्रों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अभ्यर्थी निर्धारित समय से पहले केंद्रों पर पहुंचने लगे थे ताकि प्रवेश प्रक्रिया में कोई समस्या न हो।

22.79 लाख छात्र दे रहे हैं परीक्षा

इस वर्ष आयोजित हो रही परीक्षा में लगभग 22.79 लाख छात्र शामिल हुए हैं। यह संख्या दर्शाती है कि मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

इतने बड़े स्तर पर परीक्षा का आयोजन अपने आप में एक बड़ी चुनौती होता है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए हजारों कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

551 शहरों और 14 विदेशी शहरों में परीक्षा

नीट परीक्षा केवल भारत तक सीमित नहीं है। इस बार देश के 551 शहरों के अलावा विदेश के 14 शहरों में भी परीक्षा आयोजित की गई है।

विदेशों में रहने वाले भारतीय छात्रों को भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिले, इसके लिए विशेष परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इससे छात्रों को भारत आने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे अपने नजदीकी केंद्र पर परीक्षा दे सकते हैं।

5440 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी व्यवस्था

देशभर में कुल 5440 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की गई। एडमिट कार्ड और पहचान पत्र का मिलान करने के बाद ही छात्रों को अंदर जाने की अनुमति दी गई।

इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके।

नकल रोकने के लिए थ्री-लेयर सिक्योरिटी

पिछले वर्षों में परीक्षा से जुड़े विवादों को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है।

इस व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्रों, नियंत्रण कक्षों और बाहरी सुरक्षा तंत्र को एक साथ जोड़ा गया है। विभिन्न एजेंसियां लगातार परीक्षा प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।

उद्देश्य यही है कि किसी भी प्रकार की नकल, पेपर लीक या तकनीकी गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

ड्रोन कैमरों से रखी जा रही निगरानी

इस बार परीक्षा केंद्रों के आसपास ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया जा रहा है। कई शहरों में ड्रोन के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है।

ड्रोन कैमरे सुरक्षा एजेंसियों को वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान जल्दी हो सकती है और तत्काल कार्रवाई संभव हो जाती है।

कानपुर, लखनऊ और दिल्ली समेत कई प्रमुख शहरों में ड्रोन निगरानी की तस्वीरें सामने आई हैं।

सीसीटीवी कैमरों की चौकस नजर

परीक्षा केंद्रों के अंदर और बाहर बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। हर गतिविधि रिकॉर्ड की जा रही है ताकि बाद में किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में जांच की जा सके।

सीसीटीवी निगरानी के कारण परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। परीक्षा कक्षों से लेकर प्रवेश द्वार तक हर जगह कैमरों की व्यवस्था की गई है।

जैमर से रोका जा रहा संचार

जैमर की मदद से मोबाइल नेटवर्क और अन्य संचार माध्यमों को नियंत्रित किया जाता है। इससे कोई भी व्यक्ति परीक्षा के दौरान बाहरी संपर्क स्थापित नहीं कर सकता।

यह कदम परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रवेश से पहले हुई सघन जांच

परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने वाले छात्रों की सघन जांच की गई। एडमिट कार्ड और पहचान पत्र की जांच के साथ-साथ सुरक्षा जांच भी की गई।

कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों की तलाशी लेने के बाद ही प्रवेश दिया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी छात्र प्रतिबंधित वस्तु लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश न कर सके।

सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे दिन सतर्कता बनाए रखी।

परीक्षा केंद्रों पर पानी की व्यवस्था

गर्मी के मौसम और लंबी परीक्षा अवधि को देखते हुए छात्रों के लिए पानी की विशेष व्यवस्था भी की गई है।

कई परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने केंद्र संचालकों को निर्देश दिए थे कि छात्रों की मूलभूत सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए।

अभिभावकों में भी दिखी सतर्कता

परीक्षा के दिन अभिभावक भी सुबह से ही बच्चों के साथ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। कई अभिभावक केंद्र के बाहर परीक्षा समाप्त होने तक इंतजार करते नजर आए।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर अधिकांश अभिभावकों ने संतोष जताया। उनका कहना था कि इस बार व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सख्त और व्यवस्थित दिखाई दी।

सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा प्रधानमंत्री का फैसला

कई लोगों ने इसे छात्रों की सुविधा के प्रति संवेदनशील कदम बताया। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान यातायात बाधित न होने देने के फैसले की सराहना की।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के दौरान प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां किस तरह समन्वय बनाकर काम करती हैं, ताकि लाखों छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Deep Garg

Deepak Garg is the founder and editor of TajaTimes.com. He covers technology, business, entertainment, lifestyle, and trending news with a focus on accurate and timely reporting.

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