प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना: 19 जून को युवाओं के खाते में आएगी पहली किस्त, जानिए कौन और कैसे उठाएगा ₹15,000 तक का लाभ

Photo of author

By: Deep Garg

On: Wednesday, June 17, 2026 1:17 PM

19 जून को होगा बड़ा कार्यक्रम, पीएम मोदी करेंगे राशि जारी

देश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले पात्र युवाओं को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना के तहत योग्य लाभार्थियों को कुल ₹15,000 तक की सहायता दो किस्तों में प्रदान की जाएगी। योजना की पहली किस्त 19 जून को जारी की जाएगी।

इस अवसर पर राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं शामिल होकर बटन दबाकर लाभार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे। यह कार्यक्रम केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर के लगभग 200 स्थानों पर इसका सीधा प्रसारण और स्थानीय आयोजन भी किए जाएंगे।

सरकार का मानना है कि यह योजना युवाओं को औपचारिक रोजगार प्रणाली से जोड़ने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

क्या है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना को 1 अगस्त 2025 को शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में नए रोजगारों को बढ़ावा देना और युवाओं को औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ना है।

कई बार देखा जाता है कि बड़ी संख्या में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े नहीं होते। ऐसे में सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक कर्मचारियों को पीएफ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिले।

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस योजना को तैयार किया गया है ताकि नए कर्मचारी और रोजगार देने वाले दोनों लाभ प्राप्त कर सकें।

योजना का सबसे बड़ा लाभ उन युवाओं को मिलने वाला है जो पहली बार किसी संगठित क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं और EPFO से जुड़ रहे हैं।

ऐसे युवाओं को सरकार की ओर से वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा ताकि वे नौकरी की शुरुआत में आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। सरकार का मानना है कि यह सहायता युवाओं को बचत और वित्तीय अनुशासन की दिशा में प्रेरित करेगी।

जो कर्मचारी पहली बार पीएफ खाते के साथ रोजगार में शामिल होंगे, वे इस योजना के तहत लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

रोजगार देने वाले संस्थानों को भी मिलेगा फायदा

यह योजना केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। सरकार ने रोजगार देने वाले संस्थानों और कंपनियों को भी प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की है।

यदि कोई कंपनी नए कर्मचारियों की भर्ती करती है और उन्हें निर्धारित समय तक रोजगार में बनाए रखती है, तो उसे भी सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी।

इसका उद्देश्य कंपनियों को अधिक से अधिक रोजगार सृजन के लिए प्रेरित करना है ताकि देश में रोजगार के अवसर बढ़ सकें।

एंप्लॉयर के लिए क्या हैं पात्रता शर्तें

योजना के तहत लाभ लेने के लिए संस्थानों को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।

यदि किसी संस्थान में 50 से कम कर्मचारी हैं तो उसे कम से कम 2 नए कर्मचारियों की भर्ती करनी होगी।

वहीं यदि किसी संस्थान में 50 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं तो उसे कम से कम 5 नए कर्मचारियों को जोड़ना होगा।

इसके अलावा इन कर्मचारियों को कम से कम 6 महीने तक लगातार नौकरी में बनाए रखना जरूरी होगा। तभी संस्थान योजना के तहत लाभ प्राप्त करने का पात्र माना जाएगा।

कर्मचारियों की सैलरी के आधार पर मिलेगा लाभ

सरकार ने कर्मचारियों के वेतन के आधार पर भी प्रोत्साहन राशि तय की है।

यदि नया कर्मचारी ₹20,000 से अधिक मासिक वेतन प्राप्त करता है तो संस्थान को प्रति कर्मचारी ₹3,000 प्रतिमाह तक का लाभ मिल सकता है।

यदि कर्मचारी का वेतन ₹10,000 से ₹20,000 के बीच है तो प्रति कर्मचारी ₹2,000 प्रतिमाह की सहायता दी जाएगी।

वहीं ₹10,000 से कम वेतन वाले कर्मचारियों के लिए निर्धारित अनुपात के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न वेतन वर्गों में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना है।

नोएडा में योजना को मिला शानदार प्रतिसाद

नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में इस योजना को काफी अच्छा प्रतिसाद मिला है।

जानकारी के अनुसार नोएडा में लगभग 6,500 पात्र संस्थान योजना के दायरे में आते हैं। इनमें से करीब 5,500 संस्थानों ने योजना के लिए पंजीकरण कराया है।

यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक माना जा रहा है और इसे योजना की सफलता का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

1.27 लाख नए कर्मचारी हुए EPFO से जुड़े

योजना के तहत नोएडा क्षेत्र में बड़ी संख्या में नए कर्मचारी EPFO प्रणाली से जुड़े हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार लगभग 1.27 लाख नए कामगारों ने EPFO से जुड़कर औपचारिक रोजगार व्यवस्था में प्रवेश किया है।

इन कर्मचारियों को योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा। इससे उन्हें भविष्य निधि, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ भी प्राप्त होगा।

लाखों री-जॉइनिंग कर्मचारियों को भी मिलेगा फायदा

अधिकारियों के अनुसार केवल नए कर्मचारी ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में री-जॉइनिंग कर्मचारी भी इस योजना से अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।

करीब 45 लाख री-जॉइनिंग के मामले दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर रोजगार सृजन और कर्मचारी संख्या में बढ़ोतरी का मूल्यांकन किया जा रहा है।

इसी आधार पर पात्र संस्थानों को योजना के तहत प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

200 स्थानों पर आयोजित होंगे कार्यक्रम

19 जून को होने वाला कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

दिल्ली के विज्ञान भवन के अलावा देशभर के लगभग 200 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों में स्थानीय उद्योगपतियों, कर्मचारियों, सरकारी अधिकारियों और लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।

सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचे और वे इसका लाभ उठाएं।

नोएडा में कहां होगा कार्यक्रम

नोएडा में यह विशेष कार्यक्रम सेक्टर-62 स्थित एनआईओएस ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में लगभग 300 नियोक्ता और कर्मचारी शामिल होने की संभावना है।

कार्यक्रम शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा और इसमें योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

सरकार चला रही है जागरूकता अभियान

योजना को सफल बनाने के लिए EPFO और संबंधित विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में विभिन्न स्थानों पर कैंप लगाए गए हैं। उद्योग संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और सरकारी विभागों के सहयोग से लोगों को योजना के बारे में जानकारी दी जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि इसी जागरूकता अभियान के कारण 82 प्रतिशत से अधिक पात्र संस्थानों ने पंजीकरण पूरा कर लिया है।

युवाओं को सिखाई जाएगी फाइनेंशियल प्लानिंग

योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वित्तीय साक्षरता भी है।

सरकार चाहती है कि युवा केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित न रहें बल्कि अपने भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के बारे में भी सोचें।

इसी उद्देश्य से लाभार्थियों के लिए एक विशेष ऑनलाइन कोर्स तैयार किया गया है।

इस कोर्स में युवाओं को बचत, निवेश, भविष्य निधि, रिटायरमेंट प्लानिंग और वित्तीय प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।

वीडियो कोर्स के माध्यम से मिलेगी ट्रेनिंग

योजना के लाभार्थियों को वीडियो आधारित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

इस प्रशिक्षण में उन्हें बताया जाएगा कि कमाई का सही उपयोग कैसे किया जाए, बचत क्यों जरूरी है और भविष्य के लिए वित्तीय योजना कैसे बनाई जाती है।

कोर्स के अंत में कुछ छोटे प्रश्न भी होंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रतिभागियों ने विषय को अच्छी तरह समझा है।

EPFO से जुड़ने के क्या हैं फायदे

EPFO से जुड़ने वाले कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होते हैं।

भविष्य निधि खाते में नियमित बचत जमा होती रहती है।

नौकरी बदलने पर भी पीएफ खाता जारी रहता है।

रिटायरमेंट के समय एक बड़ी राशि प्राप्त होती है।

पेंशन योजना का लाभ मिलता है।

कई परिस्थितियों में पीएफ राशि निकालने की सुविधा भी उपलब्ध होती है।

इसीलिए सरकार अधिक से अधिक कर्मचारियों को औपचारिक रोजगार और EPFO प्रणाली से जोड़ने पर जोर दे रही है।

रोजगार और सामाजिक सुरक्षा दोनों को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य केवल रोजगार बढ़ाना नहीं है बल्कि कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना भी है।

योजना के माध्यम से युवाओं को आर्थिक सहायता मिलेगी, कंपनियों को रोजगार सृजन का प्रोत्साहन मिलेगा और लाखों कर्मचारी भविष्य निधि जैसी महत्वपूर्ण सुविधा से जुड़ सकेंगे।

19 जून को पहली किस्त जारी होने के साथ ही देशभर के लाखों युवाओं के लिए इस योजना का लाभ वास्तविक रूप से शुरू होने जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह योजना रोजगार बढ़ाने और श्रमिकों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Deep Garg

Deepak Garg is the founder and editor of TajaTimes.com. He covers technology, business, entertainment, lifestyle, and trending news with a focus on accurate and timely reporting.

Related News

June 17, 2026

June 17, 2026

June 17, 2026

June 17, 2026

June 16, 2026

June 16, 2026

Leave a Comment